यह घटना खेरौना गांव की है। यहां 24 वर्षीय दिलीप आदिवासी का गांव की ही 22 वर्षीय नवविवाहिता से प्रेम प्रसंग बताया जा रहा था। 20 दिसंबर को दिलीप कथित तौर पर विवाहिता के साथ गांव से भागने की तैयारी में था। इसी दौरान विवाहिता के परिजनों ने उसे पकड़ लिया और लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा।
मारपीट में दिलीप को गंभीर चोटें आईं। इसके बावजूद, इसे आदिवासी समाज का मामला बताकर उस समय पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई। परिजन दिलीप का इलाज घर पर ही करते रहे।
मौत के बाद परिजन थाने पहुंचे
28 दिसंबर की शाम दिलीप आदिवासी की उसके घर पर ही मौत हो गई, जब उसकी हालत और बिगड़ गई। इसके बाद मृतक की मां कमला आदिवासी ने खोड़ चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने फूलसिंह आदिवासी, पदम आदिवासी, बबलू आदिवासी, अमर सिंह आदिवासी, मेघा आदिवासी, तुलसी आदिवासी और ऊषा आदिवासी सहित 7 लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया।
खोड़ चौकी प्रभारी कुसुम गोयल ने बताया कि 29 दिसंबर को आरोपी अमर आदिवासी और उसकी पत्नी ऊषा आदिवासी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था। हाल ही में की गई कार्रवाई में तीन अन्य आरोपी मंगल उर्फ मेघा उर्फ मंघा आदिवासी (26), बबलू आदिवासी (24) और पदम आदिवासी (28) को भी गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस ने बताया कि शेष फरार आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।