जानकारी के मुताबिक हाल ही में करैरा में नए ब्लॉक अध्यक्ष मुकद्दर खान की नियुक्ति की गई थी, जिसका कांग्रेस के कई स्थानीय नेताओं ने विरोध किया था। इसी पृष्ठभूमि में आज कांग्रेस द्वारा आक्रोश रैली आयोजित की गई थी। रैली में स्मार्ट मीटर, खाद की किल्लत, इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों और करैरा के स्थानीय मुद्दों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपना प्रस्तावित था।
युवाओं की टोली को आगे कर किया गया विरोध बताया जा रहा है कि विरोध करने वाले कांग्रेसी खेमे ने जानबूझकर युवाओं की एक टोली को आगे कर प्रदर्शन कराया। इन युवाओं ने सड़क पर बैठकर रैली को रोकने का प्रयास किया और काली शर्ट उतारकर उन्हें काले झंडों की तरह हवा में लहराते हुए विरोध जताया। इससे रैली के दौरान माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस को बीच में आकर स्थिति काबू में करना पड़ा।
रास्ते में बैठकर किया विरोध
रैली की शुरुआत रेस्ट हाउस से हुई। जैसे ही रैली आगे बढ़ी और विरोध कर रहे युवा सामने आए, दोनों गुट आमने-सामने आ गए। नारेबाजी के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई, जिसके बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। इसके बाद प्रदर्शनकारी पीछे हटे और रैली तहसील पहुंची, जहां एसडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
विरोध करने वालों में कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष मानसिंह फौजी, कांग्रेस के पूर्व ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष खेमराज लोधी, आईटी सेल प्रभारी महेंद्र कुशवाहा, डीपी श्रीवास्तव (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष करैरा), आजाद लोधी (जिला अध्यक्ष लोधी समाज), जवारसिंह रावत (दिहायला ब्लॉक अध्यक्ष), कालूराम कुशवाहा (पूर्व नरवर ब्लॉक अध्यक्ष), नरेंद्र यादव (पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष टोडा), बृजेश शर्मा (पूर्व जिला मंत्री), कयोम खान (पूर्व कार्यकारी ब्लॉक अध्यक्ष करैरा), सतीश खटीक, अरुण पहारिया, संजीव (ब्लॉक महामंत्री), अमित गेंडा (पूर्व विधानसभा अध्यक्ष) के नाम सामिल है। मान सिंह फौजी ने बताया कि यह विचारधारा का विरोध था।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने प्रदर्शन को भाजपा प्रायोजित बताया।
प्रदर्शनकारी बोले- लोधी-कुशवाह समाज को नजरअंदाज किया
प्रदर्शन में शामिल आजाद लोधी ने कहा कि नव नियुक्त जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने लोधी-कुशवाह समाज के मूल कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज कर अपने अनुसार ब्लॉक अध्यक्ष चुना है। उन्होंने चेतावनी दी कि आगामी कार्यकारिणी में समाज के लोगों को सम्मानजनक प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए, इसी मांग को लेकर आज काले झंडे दिखाए गए।
वहीं, कांग्रेस जिला अध्यक्ष मोहित अग्रवाल ने कहा कि करैरा में रैली स्थानीय मुद्दों, किसानों की समस्याओं, स्मार्ट मीटर के विरोध और इंदौर में हुई मौतों को लेकर आयोजित थी और एसडीएम को ज्ञापन सौंपा गया। विरोध पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन करने वालों में मूल कांग्रेसी शामिल नहीं थे और यह रैली को विफल करने के लिए भाजपा प्रायोजित प्रयास था।