शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में सोमवार को डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों पर इलाज से इनकार करने, अभद्रता, जातिसूचक गालियां देने और मारपीट करने का गंभीर आरोप लगा है। ग्राम बारा निवासी वीकेश जाटव ने अपनी मां धन्ती जाटव के साथ एसपी कार्यालय पहुंचकर इसकी शिकायत दर्ज कराई है।
वीकेश जाटव ने बताया कि उनकी 14 वर्षीय बहन कुसुम जाटव आंत की बीमारी से पीड़ित है। उसका इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। पहले ऑपरेशन के असफल होने पर सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत की गई थी, जिसके बाद दूसरा ऑपरेशन सफल रहा। हालांकि, आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद उन्हें कोलोस्टोमी बैग और अन्य सामग्री बाहर से खरीदने को कहा गया था।
आरोप- डॉक्टरों ने इलाज से इनकार किया
वीकेश के अनुसार, वे अपनी बहन को कोलोस्टोमी बैग लगवाने मेडिकल कॉलेज पहुंचे थे। वहां डॉक्टरों ने इलाज और प्रस्तावित दूसरे ऑपरेशन से इनकार कर दिया। आरोप है कि विरोध जताने पर डॉ. रमन ओहरी और डॉ. अनंत कुमार राखुण्डे ने सुरक्षा गार्डों को बुलाकर अभद्र व्यवहार कराया। वीकेश जाटव को थप्पड़ मारे गए और उनकी मां को धक्का दिया गया।
साथ ही, उन्हें जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने का भी आरोप है। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि उनके मोबाइल फोन छीन लिए गए और उन्हें पुलिस में पकड़वाने की धमकी दी गई। इसके बाद उन्हें बिना इलाज के ही मेडिकल कॉलेज से बाहर निकाल दिया गया।
डीन बोले- आरोपों की जांच करवाएंगे
एसपी कार्यालय में दिए आवेदन में पीड़ित परिवार ने संबंधित डॉक्टरों और सुरक्षा गार्डों के खिलाफ एससी/एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम सहित अन्य धाराओं में कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत प्राप्त कर मामले की जांच का आश्वासन दिया है।
इस मामले पर मेडिकल कॉलेज के डीन डॉक्टर डी परमहंस ने कहा कि कॉलेज में सभी मरीजों को बेहतर उपचार देने का प्रयास किया जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि किसी के साथ धक्का-मुक्की हुई है या उन्हें बाहरी मेडिकल स्टोर से सामान लाने को कहा गया है, तो वे इसकी जांच कराएंगे और उचित कार्रवाई करेंगे।