अंगूरी पाल ने आरोप लगाया है कि 19 दिसंबर 2025 को दोपहर में गांव के मुंशी रघुवंशी और जितेंद्र रघुवंशी उनके पति उमेश पाल को शराब पिलाने के बहाने अपने साथ ले गए थे। इसके लगभग 24 घंटे बाद उमेश पाल का शव शिवपुरी के पीएम हाउस में मिला। परिजनों के अनुसार, उन्हें यह जानकारी नहीं दी गई कि शव शिवपुरी कैसे पहुंचा, जबकि मृतक की बाइक आरोपी मुंशी रघुवंशी के घर मिली थी।
घटना के बाद से मुंशी फरार
घटना के बाद से मुंशी रघुवंशी फरार है, जबकि दूसरा आरोपी जितेंद्र रघुवंशी गांव में ही मौजूद बताया जा रहा है।
परिजनों का यह भी आरोप है कि घटना वाले दिन शाम करीब 8 बजे जितेंद्र रघुवंशी ने उमेश पाल के मोबाइल फोन से उनके भतीजे विनोद पाल को गाली-गलौज की थी। इस बातचीत की कॉल रिकॉर्डिंग उनके पास उपलब्ध है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा ठोस कार्रवाई न किए जाने से परिवार में गहरा रोष है।
ग्राम उकावल में हुई इस संदिग्ध मौत को एक माह से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन मामला अब भी अनसुलझा है। पीड़ितों का आरोप है कि मर्ग जांच में हो रही देरी के कारण आरोपियों को सबूतों से छेड़छाड़ का अवसर मिल सकता है।
परिजनों के बयान दर्ज करेगी पुलिस
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले ने ज्ञापन स्वीकार करते हुए संजय मिश्रा को निर्देश दिए कि पीड़ित परिवार के बयान तत्काल दर्ज किए जाएं और आवश्यक कार्रवाई की जाए।
एसडीओपी संजय मिश्रा ने बताया कि 19 जनवरी को परिजनों को बुलाकर उनके बयान दर्ज किए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पीएम रिपोर्ट, कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।