परिजनों का आरोप है कि शुक्रवार रात राकेश के साथ मारपीट की गई थी, जिससे उसकी मौत हुई। उन्होंने बडै, राकेश और अवतार नामक व्यक्तियों पर मारपीट का आरोप लगाया है, जिसमें कप्तान केवट की भूमिका भी बताई जा रही है। परिजन हत्या की धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग पर अड़े रहे।
मजदूरी करने गया था राकेश
जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह राकेश मजदूरी के लिए खतौरा में कप्तान केवट के यहां गया था। रात करीब 9 बजे कप्तान केवट उसे घर छोड़ गया। उस समय राकेश शराब के नशे में था और बिना खाना खाए कमरे में सो गया।
शनिवार सुबह करीब 7 बजे पत्नी मनीषा परिहार ने उसे चाय के लिए उठाया, लेकिन वह नहीं उठा। परिजन उसे तत्काल नजदीकी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पोस्टमार्टम के बाद बढ़ा आक्रोश
सूचना पर इंदार थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का बदरवास में पोस्टमार्टम कराया और दोपहर में शव परिजनों को सौंप दिया। अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान शरीर पर चोट के निशान दिखने पर परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मारपीट की आशंका जताई।
पुलिस के आश्वासन पर खुला जाम
शाम को परिजन शव लेकर सड़क पर बैठ गए, जिससे यातायात बाधित हो गया। मौके पर इंदार थाना प्रभारी दिनेश नरवरिया पहुंचे, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद रन्नौद थाना प्रभारी अरविंद सिंह चौहान और बदरवास थाना प्रभारी रोहित दुबे भी पहुंचे। करीब डेढ़ घंटे की समझाइश के बाद पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई के आश्वासन पर चक्काजाम समाप्त कराया गया।
इंदार थाना प्रभारी दिनेश नरवरिया ने बताया कि सुबह मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया गया था और दोपहर तक किसी प्रकार की मारपीट की शिकायत नहीं मिली थी। शव घर पहुंचने के बाद परिजनों ने तीन लोगों पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। परिजनों के बयान और पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।