जानकारी के अनुसार रविवार को इंदार थाना क्षेत्र के करीब 10 गांवों के लगभग 20 किसानों ने कृषि विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत मिलते ही विभाग हरकत में आया और संबंधित दुकान को सील कर जांच शुरू की गई। सोमवार को फसल नुकसान से परेशान कई किसान शिकायत लेकर कोलारस एसडीएम कार्यालय पहुंचे।
एक सैकड़ा से अधिक किसान, सैकड़ों बीघा फसल नष्ट किसानों के अनुसार अब तक दर्जनों गांवों के करीब 100 से अधिक किसानों की फसल खराब होने की जानकारी सामने आ चुकी है। ग्राम सिमलयाई निवासी सुरेश लोधी ने बताया कि 14 बीघा में बोई गई चने की फसल में दवा और टॉनिक डालने के बाद पूरी फसल खराब हो गई।
अशोकनगर जिले के गोविंदनगर निवासी राजा सिंह परिहार ने 10 बीघा चने की फसल नष्ट होने की बात कही। वहीं ग्राम एडवारा निवासी सुरेंद्र यादव ने बताया कि उसकी 40 बीघा चने की फसल बर्बाद हो गई।
किसानों का आरोप है कि इल्ली मारने की दवा के नाम पर संभवतः खरपतवार (कचरा) मारने की दवा दे दी गई।
"पूरा सेट" दवा से अगले दिन सूखने लगी पत्तियां ग्राम छापी निवासी राजीव यादव (26) ने बताया कि 9 जनवरी को उसने अग्रवाल कृषि सेवा केन्द्र, खतौरा से 3100 रुपए में चने की फसल के लिए "पूरा सेट" दवा खरीदी थी। दुकानदार ने प्रति बीघा 6 क्विंटल उत्पादन का दावा किया था।
10 जनवरी को 12 बीघा खेत में दवा का छिड़काव कराया गया, लेकिन अगले ही दिन पत्तियां सूखने लगीं। शिकायत करने पर दुकानदार ने पहले ग्लूकोज डालने की सलाह दी और बाद में जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।
कृषि विभाग ने दुकान सील की
कृषि विभाग के एसएडीओ कल्लू सिंह ने बताया कि किसानों की शिकायतों के बाद अग्रवाल कृषि सेवा केन्द्र, खतौरा को फिलहाल सील कर दिया गया है और दवाओं के सैंपल लेकर जांच की जा रही है।
एसडीएम को सौंपा ज्ञापन, मुआवजे की मांग
एडवारा और सिमलयाई गांव के किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया कि दवा के छिड़काव से करीब 100 बीघा से अधिक फसल पूरी तरह नष्ट हो गई है। किसानों ने दुकानदार पर अभद्र व्यवहार और राजनीतिक संरक्षण का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई व मुआवजे की मांग की। ज्ञापन की प्रतिलिपि कलेक्टर और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को भी भेजी गई है।
किसानों का कहना है कि अधिकांश प्रभावित किसान सीमांत हैं, जिनकी आजीविका पूरी तरह फसल पर निर्भर है। यदि समय पर मुआवजा और दोषियों पर कार्रवाई नहीं हुई तो उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा।