शिवपुरी नगर पालिका में वेतन संकट
शिवपुरी नगर पालिका के सफाईकर्मी, ड्राइवर और माली कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें पिछले दो से तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिससे उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। इसी के साथ नगर पालिका के एकाउंटेंट रवि झा पर जातिसूचक अपशब्दों के प्रयोग का गंभीर आरोप भी लगाया गया है।
झाडू लेकर निकाली रैली, कलेक्ट्रेट में दिया ज्ञापन
हड़ताल के पहले दिन सैकड़ों कर्मचारियों ने हाथों में झाडू लेकर शहर में रैली निकाली और कलेक्ट्रेट पहुंचकर एडीएम को ज्ञापन सौंपा। इसके बाद कर्मचारी एसपी कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने नगर पालिका एकाउंटेंट के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
पुराने समझौते का हवाला, कार्रवाई न होने का आरोप
कर्मचारियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया कि पूर्व में नगर पालिका प्रशासन, विधायक, नगर पालिका अध्यक्ष और जिला कलेक्टर की मौजूदगी में एक समझौता हुआ था। इसमें हड़ताल अवधि से जुड़े मुद्दों के समाधान और सफाई कर्मचारियों की मांगों को समय-सीमा में पूरा करने का आश्वासन दिया गया था। कर्मचारियों का आरोप है कि इसके बावजूद अध्यक्ष और सीएमओ द्वारा अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
सफाई मजदूर संघ के मनोज लाहौरी ने बताया कि वेतन को लेकर हुए पहले समझौते के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी थी, लेकिन इसके बावजूद दो से तीन माह का वेतन अब तक लंबित है। उन्होंने कहा कि 13 जनवरी को नगर पालिका सीएमओ ने दो दिनों के भीतर वेतन भुगतान का भरोसा दिलाया था, जो अब तक पूरा नहीं हुआ।
जातिसूचक भाषा के आरोप से भड़का आक्रोश
कर्मचारियों का आरोप है कि जब वे वेतन की मांग को लेकर नगर पालिका कार्यालय पहुंचे, तो एकाउंटेंट रवि झा ने उनके साथ जातिसूचक और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। इस घटना से कर्मचारी मानसिक रूप से आहत हैं और इसे अपमानजनक बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी
हड़ताल पर बैठे कर्मचारियों ने साफ कहा है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे काम पर वापस नहीं लौटेंगे। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है, जिसकी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।