सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी के माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से सटे एनएच-27 पर घायल तेंदुए का तीन दिन बाद भी रेस्क्यू नहीं हो सका है। खुटेला गांव के पास मंगलवार रात अज्ञात वाहन की टक्कर से तेंदुआ गंभीर रूप से घायल हो गया था। ग्रामीणों ने बुधवार सुबह ही पार्क प्रबंधन और वन विभाग को सूचना दे दी थी, इसके बावजूद शुक्रवार सुबह तक तेंदुआ घटनास्थल के पास ही तड़पता मिला।
सुरवाया थाना क्षेत्र में एनएच-27 किनारे सड़क पर बुधवार सुबह तेंदुआ घायल अवस्था में पड़ा मिला। ग्रामीणों के अनुसार, किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने तेंदुए को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे उसकी पिछली हड्डियां टूट गईं। चलने में असमर्थ तेंदुआ अगले पैरों के सहारे घिसटते हुए झाड़ियों तक पहुंच पाया।
वन क्षेत्र बताया जा रहा घटनास्थल
ग्रामीणों ने बताया कि जहां हादसा हुआ, उसका एक हिस्सा माधव टाइगर रिजर्व की सीमा से लगा है, जबकि दूसरा हिस्सा वन विभाग के क्षेत्र में आता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दुर्घटना स्थल वन क्षेत्र में आता है। इसके बावजूद दोनों विभागों को सूचना देने के बाद भी तेंदुए का रेस्क्यू नहीं किया गया।
डर की वजह से ग्रामीण नहीं कर पाए मदद
ग्रामीणों का कहना है कि यदि कोई अन्य वन्य प्राणी घायल होता तो वे खुद उसकी मदद कर देते, लेकिन तेंदुए जैसे खतरनाक जानवर के मामले में अनुभव की कमी और सुरक्षा का डर आड़े आ गया। इसी वजह से वे सिर्फ सूचना देने तक सीमित रह गए।
सीसीएफ बोले- कई बार जानवर खुद ठीक हो जाते हैं
माधव टाइगर रिजर्व के सीसीएफ उत्तम शर्मा ने बताया कि उन्हें दुर्घटना की जानकारी मिली है। उनका कहना है कि घटना वन क्षेत्र में हुई है और कई मामलों में घायल वन्य प्राणी अपने आप भी ठीक हो जाते हैं। हालांकि, उन्होंने मामले की स्थिति की जांच करवाने की बात कही है।
तीन दिन तक तेंदुए के घायल पड़े रहने से वन विभाग और पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों की मांग है कि जल्द से जल्द तेंदुए का रेस्क्यू कर इलाज कराया जाए, ताकि उसकी जान बचाई जा सके।