जिला अस्पताल में भर्ती महावीर जैन ने बताया कि उनका एक प्लाट बड़े जैन मंदिर के पास है। आरोप है कि मुलायम यादव उस पर अस्थायी कब्जा करने की कोशिश कर रहा था और कंडे आदि डाल रहा था। 27 दिसंबर को जैन मुनि के आगमन के कारण प्लाट की सफाई के लिए महावीर जैन मौके पर पहुंचे थे, तभी पीछे से आकर उनके साथ मारपीट की गई। इस घटना की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी और एफआईआर भी हुई थी।
आरोप- एफआईआर के बाद दोबारा हमला
पीड़ित के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने के बाद आरोपियों के हौसले बढ़ गए। हाल ही में, जब वे प्लाट की माप के लिए मौके पर पहुंचे, तो वहां पुलिस भी मौजूद थी। इसी दौरान मुलायम यादव अपने बेटों विमल और राजेश यादव के साथ लाठियां लेकर आए और एफआईआर दर्ज कराने को लेकर गाली-गलौज करने लगे।
पुलिस के जाने के कुछ देर बाद, तीनों आरोपियों ने मिलकर महावीर जैन को लाठियों से पीटा और जमीन पर पटक दिया। जब उनके भाई नरेंद्र जैन बीच-बचाव करने आए, तो उनके साथ भी मारपीट की गई। पीड़ितों का आरोप है कि आरोपियों ने प्लाट पर हक जताने पर जान से मारने की धमकी दी और मौके से फरार हो गए।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को जेल भेजा
पीड़ितों का आरोप है कि पहली घटना में गंभीर धाराएं न लगाए जाने के कारण आरोपियों के हौसले बुलंद हुए, जिसके चलते उन्होंने दोबारा हमला किया। खनियाधाना थाना प्रभारी केदार सिंह यादव ने बताया कि दोनों भाइयों की शिकायत पर दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं।
आरोपी मुलायम यादव और उसके दोनों बेटों को शांतिभंग की धाराओं के तहत जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने यह भी बताया कि घायलों की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद धाराओं में बढ़ोतरी की जाएगी।