शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम सतनवाड़ा कलां में एसबीआई कियोस्क से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। इस मामले में डेढ़ महीने की देरी के बाद आखिरकार ग्रामीणों की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
पीड़ित ग्रामीणों का आरोप है कि कियोस्क संचालक प्रमोद कुमार सक्सेना, उनकी पत्नी साधना सक्सेना, पुत्र रितेश सक्सेना और ऑपरेटर अजय खटीक ने उन्हें अधिक ब्याज और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का लालच देकर खाते खुलवाए थे। ग्रामीणों ने अपनी मेहनत की कमाई और बचत इन खातों में जमा कर दी थी।
फर्जी एफडी थमाई
जांच में पता चला कि कई खातों में पासबुक में दर्ज रकम बैंक रिकॉर्ड में मौजूद नहीं है। पीड़ितों को फर्जी एफडी थमाई गईं और पासबुक में हाथ से एंट्री की गई। कुछ खातों से अंगूठा लगवाकर भी रकम निकालने के आरोप हैं। जब ग्रामीणों ने शिवपुरी स्थित एसबीआई शाखा में जानकारी ली, तो कथित एफडी और जमा राशि का कोई रिकॉर्ड नहीं मिला।
इस फर्जीवाड़े से कई ग्रामीणों की जमा पूंजी डूब गई है। कुछ ग्रामीणों ने बेटियों की शादी के लिए बकरियां बेचकर पैसे जोड़े थे, जबकि कुछ ने बच्चों की पढ़ाई के लिए अपनी बचत कियोस्क में जमा की थी। अब वे अपनी पूंजी गंवा चुके हैं।
डेढ़ महीने चक्कर काटने के बाद दर्ज हुई एफआईआर पीड़ित ग्रामीण डेढ़ माह से थाने और अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हो रही थी। कांग्रेस विधायक के हस्तक्षेप के बाद सतनवाड़ा पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है।