मध्य प्रदेश के शिवपुरी में ऑनलाइन चैटिंग और वीडियो कॉल के जरिए अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर देशभर में लोगों को "डिजिटल अरेस्ट" का डर दिखाकर ब्लैकमेल करने वाले बड़े साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। गिरोह अब तक ढाई करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी कर चुका है।
गिरोह HIIU, TOKKI, MIKA, ELOELO, GAGA, HANI, SUGO, COMMECTO, HITSU, HONEY और COMET जैसे एप्स का इस्तेमाल कर रहा था। ये एप्स एपीके फाइल के जरिए आसानी से डाउनलोड हो जाते हैं। ऑनलाइन चैटिंग की तलाश में लोग इन्हें इंस्टॉल कर लेते थे, जिसका फायदा आरोपी उठाते थे।
7 कार, 29 मोबाइल समेत 1 करोड़ का माल जब्त
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 32 नामजद आरोपियों में से 20 को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 7 कार, 1 बाइक, 29 मोबाइल, 16 एटीएम कार्ड, 7 बैंक पासबुक, एक मकान की रजिस्ट्री और 1.20 लाख रुपए नकद सहित करीब 1 करोड़ 7 लाख रुपए का माल जब्त किया गया है।
एसपी ने बताया- ऐसे फंसाते थे जाल में
एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि आरोपी महिलाओं के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाते थे। ऑनलाइन चैटिंग के इच्छुक लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते। अश्लील बातचीत और वीडियो कॉल करते। पूरी कॉल और चैट की रिकॉर्डिंग कर लेते। फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर कॉल करते।
बलात्कार, चाइल्ड पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों में फंसाने की धमकी देते। "डिजिटल अरेस्ट" और केस सेटलमेंट के नाम पर रकम ट्रांसफर करवा लेते। सामाजिक बदनामी और कानूनी कार्रवाई के डर से कई पीड़ित बड़ी रकम भेज देते थे।
ऑपरेशन मेट्रिक्स के तहत कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई मध्यप्रदेश में चल रहे "ऑपरेशन मेट्रिक्स” के तहत ग्वालियर जोन के निर्देशन में की गई। जिले में 9 विशेष टीमों का गठन किया गया। एसडीओपी करैरा और पिछोर के नेतृत्व में करैरा, भौंती, अमोला, सुरवाया, सतनबाड़ा, कोतवाली, पिछोर और कोलारस थाना पुलिस ने संयुक्त दबिश देकर आरोपियों को पकड़ा।
क्या है डिजिटल अरेस्ट
गिरफ्तारी का डर दिखाकर आपको घर में ही कैद कर देते हैं।
वीडियो कॉल कर अपना बैकग्राउंड किसी पुलिस स्टेशन की तरह दिखाते हैं।
ऑनलाइन मॉनिटरिंग करते हैं कौन कहां जा रहा है।
बैंक अकाउंट सीज कर गिरफ्तारी की धमकी दी जाती है।
ऐप डाउनलोड कराकर फर्जी डिजिटल फॉर्म भरवाए जाते हैं।
डमी अकाउंट बताकर उसमें पैसों का ट्रांजेक्शन कराया जाता है।
32 में से 20 गिरफ्तार, 12 फरार
पुलिस ने 32 आरोपियों को नामजद किया था। अब तक 20 गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जबकि अन्य की तलाश जारी है। गिरोह में दो महिलाएं भी शामिल हैं। एक आरोपी ने ठगी के पैसों से आलीशान मकान बनवाया था, जिसकी रजिस्ट्री भी पुलिस ने जब्त कर ली है।
पुलिस ने की लोगों से अपील
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान वीडियो कॉल या अश्लील चैट से बचें। किसी भी "डिजिटल अरेस्ट" कॉल से घबराएं नहीं। तुरंत नजदीकी थाने या साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें। सोशल मीडिया और चैटिंग एप्स का इस्तेमाल सतर्कता से करें।