“2 हजार में बिक रहा था न्याय! शिवपुरी में आरआई रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार — सिस्टम पर बड़ा सवाल”

Nikk Pandit
0
सागर शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी में एक बार फिर सरकारी सिस्टम की सच्चाई सामने आ गई, जहां एक किसान को अपने ही हक के लिए रिश्वत देने पर मजबूर होना पड़ा। लोकायुक्त टीम ने शुक्रवार को पोहरी तहसील के प्रभारी आरआई देवेंद्र जैन को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सिद्धेश्वर कॉलोनी स्थित उनके निवास पर की गई, जहां आरोपी अधिकारी खुलेआम पैसे लेकर “काम” करने का सौदा कर रहा था।

मामला मचकला गांव निवासी किसान ब्रखभान धाकड़ से जुड़ा है, जिसकी जमीन के नक्शे में गड़बड़ी हो गई थी। किसान ने नियम अनुसार एसडीएम कार्यालय में आवेदन दिया, लेकिन फाइल जैसे ही तहसील पहुंची, वहां सिस्टम ने अपना असली रंग दिखा दिया।

“पहले 5 हजार, फिर 4 हजार में सौदा”

आरोप है कि आरआई देवेंद्र जैन ने नक्शा सुधार के लिए सीधे 5 हजार रुपए की मांग की। बाद में “मोलभाव” करते हुए 4 हजार में सौदा तय हुआ। किसान पहले ही 1 हजार रुपए दे चुका था, लेकिन काम फिर भी नहीं हुआ। उल्टा उसे बार-बार चक्कर कटवाए गए।

परेशान किसान बना सबूत, रिकॉर्डिंग ने खोली पोल
लगातार शोषण से तंग आकर किसान ने लोकायुक्त का दरवाजा खटखटाया। 24 मार्च को जब फिर रिश्वत मांगी गई, तो किसान ने पूरी बातचीत रिकॉर्ड कर ली। यही रिकॉर्डिंग इस भ्रष्ट सिस्टम की पोल खोलने के लिए काफी साबित हुई।

लोकायुक्त का जाल और रंगे हाथों गिरफ्तारी

योजना के तहत किसान 2 हजार रुपए लेकर आरोपी के घर पहुंचा। जैसे ही पैसे हाथ में लिए गए, लोकायुक्त टीम ने दबिश देकर उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। अब आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

अब बड़े सवाल जो जवाब मांगते हैं:

क्या शिवपुरी में बिना रिश्वत कोई काम होना नामुमकिन हो गया है?

क्या तहसील और राजस्व विभाग भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है?

एक छोटे से नक्शा सुधार के लिए किसान को रिश्वत क्यों देनी पड़ी?

क्या ऐसे अधिकारी अकेले काम कर रहे हैं या पूरा सिस्टम इसमें शामिल है?

अगर लोकायुक्त नहीं आती, तो क्या यह खेल ऐसे ही चलता रहता?

निष्कर्ष (सीधा वार):

यह सिर्फ एक गिरफ्तारी नहीं, बल्कि उस सड़े हुए सिस्टम की झलक है जहां आम आदमी को अपने अधिकार के लिए भी कीमत चुकानी पड़ती है।
जब तक ऐसे अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई और सिस्टम में सुधार नहीं होगा, तब तक “रिश्वत” ही असली नियम बनी रहेगी।

शिवपुरी पूछ रहा है — आखिर कब बदलेगा यह सिस्टम? 🔥
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)