धमाके से खुली शिवपुरी में नकली मावा फैक्ट्री की पोलसड़ा मावा, डिटर्जेंट और दूध से बन रहा था मावा; बड़ा सवाल – प्रशासन को महीनों तक भनक क्यों नहीं लगी

Nikk Pandit
0
सागर शर्मा शिवपुरी: शिवपुरी जिले के बैराड़ कस्बे में शनिवार को एक अवैध मावा फैक्ट्री का भंडाफोड़ हुआ। दोपहर में फैक्ट्री के अंदर हुए तेज धमाके के बाद प्रशासन मौके पर पहुंचा और जांच के दौरान सड़ा हुआ मावा, दूध, रिफाइंड और डिटर्जेंट बरामद किया गया। फैक्ट्री बिना किसी वैध लाइसेंस के संचालित हो रही थी। कार्रवाई करते हुए तहसीलदार ने यूनिट को सील कर दिया और पूरे मामले की रिपोर्ट पोहरी एसडीएम को भेजी गई है।

धमाके के बाद मची अफरा-तफरी

यह घटना बैराड़ तहसीलदार निवास के पीछे स्थित एक मकान में हुई। शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे बंद फैक्ट्री के अंदर अचानक तेज धमाका हुआ, जिसके बाद वहां से धुएं का गुबार उठने लगा। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहशत में आ गए और मौके पर भीड़ जमा हो गई।

ताला खुलवाकर की गई जांच

सूचना मिलते ही तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस मौके पर पहुंचे। उस समय फैक्ट्री के गेट पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद उन्होंने फायर ब्रिगेड और नगर परिषद के कर्मचारियों को मौके पर बुलाया। कुछ देर बाद फैक्ट्री संचालक विवेक गुप्ता पुत्र ओमप्रकाश गुप्ता भी वहां पहुंच गया।

तहसीलदार और पटवारियों की टीम ने ताला खुलवाकर फैक्ट्री के अंदर गहन जांच की।

जांच में मिला सड़ा मावा और डिटर्जेंट

जांच के दौरान मौके से
. करीब 1 क्विंटल सड़ा हुआ मावा
. 50 किलो पन्नी में पैक मावा
.1 क्विंटल दूध
.15 किलो घी
.एक कट्टी रिफाइंड
.डिटर्जेंट

सहित मावा बनाने की अन्य सामग्री बरामद हुई। फैक्ट्री में बड़ी कढ़ाई, इलेक्ट्रिक भट्टी और लकड़ी की भट्टी भी मिली।

छह महीने से चल रही थी फैक्ट्री

पूछताछ में संचालक विवेक गुप्ता ने बताया कि वह पिछले 6 महीनों से महावीर प्रसाद गुप्ता के मकान को किराए पर लेकर मावा बना रहा था। जब उससे खाद्य विभाग का लाइसेंस मांगा गया, तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

भट्टी का वाल फटने से हुआ धमाका

तहसीलदार द्रगपाल सिंह बैस ने बताया कि तेज धमाके की आवाज सुनकर वे अपने निवास से मौके पर पहुंचे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि भट्टी में लगा वाल (वाल्व) फटने से धमाका हुआ था।

मौके से खराब मावा, डिटर्जेंट, रिफाइंड और दूध बरामद किया गया है। मावा निर्माण के लिए कोई वैध लाइसेंस नहीं मिला, इसलिए मकान को सील कर दिया गया है और आगे की कार्रवाई के लिए पोहरी एसडीएम को प्रतिवेदन भेजा गया है।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)