सागर शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के बदरवास थाना क्षेत्र में विद्युत कार्य के दौरान हुए एक गंभीर हादसे ने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी है। बिजली का काम करते समय करंट लगने से खंभे से गिरा युवक पिछले 40 दिनों से कोमा में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है।
पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि जिस ठेकेदार के लिए युवक काम कर रहा था, उसने बिना सुरक्षा के खतरनाक काम करवाया और हादसे के बाद इलाज की जिम्मेदारी से भी पल्ला झाड़ लिया। इतना ही नहीं, परिवार का यह भी आरोप है कि ठेकेदार ने दो माह का वेतन तक नहीं दिया।
न्याय की गुहार लगाते हुए पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक शिवपुरी से शिकायत कर मामले में एफआईआर दर्ज करने और कार्रवाई की मांग की है।
दो साल से कर रहा था बिजली का काम
कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम नोहरीकलां चक्क निवासी धर्मेंद्र कुशवाह ने पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन में बताया कि उनका छोटा भाई दीपक कुशवाह पिछले करीब दो वर्षों से संतुष्टि ए.बी. रोड शिवपुरी निवासी विद्युत ठेकेदार नरेंद्र जाट के साथ बिजली का काम कर रहा था।
परिवार के अनुसार 25 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 3 बजे दीपक बदरवास फोरलेन पर बिजली के खंभे पर चढ़कर काम कर रहा था। इस दौरान ठेकेदार के सहयोगी रामवीर जाट, अखिलेश पंडित और आनंद शर्मा भी मौके पर मौजूद थे।
करंट लगते ही खंभे से नीचे गिरा
काम के दौरान अचानक तेज करंट लगने से दीपक संतुलन खो बैठा और खंभे से नीचे गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
परिजनों का कहना है कि घटना के बाद ठेकेदार और उसके साथियों ने इलाज की पूरी जिम्मेदारी लेने का भरोसा दिया, जिसके कारण उस समय पुलिस में शिकायत दर्ज नहीं कराई गई।
40 दिन से कोमा में, इलाज में खर्च हुए 6 लाख
दीपक को पहले जिला अस्पताल शिवपुरी और बाद में ग्वालियर में भर्ती कराया गया। परिजनों के अनुसार करीब 15 दिन तक ठेकेदार और उसके साथी इलाज में सहयोग करते रहे, लेकिन इसके बाद वे जिम्मेदारी छोड़कर चले गए।
परिवार के मुताबिक दीपक की हालत अब भी बेहद गंभीर है और वह पिछले 40 दिनों से कोमा में है।
इलाज में अब तक करीब 6 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं, जिसके लिए मजबूरी में परिवार को अपना प्लॉट तक बेचना पड़ा।
दो माह का वेतन भी नहीं दिया
पीड़ित परिवार का आरोप है कि हादसे के बाद ठेकेदार ने दीपक और उसके भाई छोटू का दो माह का वेतन भी रोक लिया, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई है।
एसपी से कार्रवाई की मांग
पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित ठेकेदार और उसके सहयोगियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने तथा पीड़ित को न्याय दिलाने की मांग की है।