बताया जा रहा है कि कोलारस कस्बे के पराई की पौर निवासी कन्हैया जाटव की नाबालिग बेटी 5 मार्च को घर से लापता हो गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की थी।
9 मार्च को लड़की खुद थाने पहुंची और पुलिस को बताया कि वह अपने मामा के लड़के के साथ गई थी। युवक भी उसके साथ थाने पहुंचा था। पुलिस ने लड़की का मेडिकल परीक्षण करवाकर कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराए और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के सामने भी बयान लिए।
लड़की ने अपने बयान में बताया कि वह अपनी मर्जी से घर से गई थी। इसके बाद पुलिस ने उसे परिजनों को सौंप दिया और मेडिकल रिपोर्ट व बयानों आधार पर युवक को छोड़ दिया गया।
बताया जा रहा है कि इसी बात से नाराज होकर मंगलवार सुबह कन्हैया जाटव कोलारस थाने पहुंचे और कार्रवाई की मांग करते हुए थाना परिसर में ही जहरीली दवा पी ली। तबीयत बिगड़ने पर पुलिस ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
कोलारस थाना प्रभारी गब्बर सिंह गुर्जर ने बताया कि लड़की के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर युवक को छोड़ा गया था। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।