“सरकारी नौकरी का घमंड? दहेज के लिए पत्नी पर अत्याचार, बच्चों समेत सड़क पर छोड़ा”

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने ही पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता एकता पत्नी विकास खत्री ने दिए गए आवेदन में बताया कि उसका पति लगातार दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित कर रहा है।

आवेदन के अनुसार, वर्ष 2019 में शादी के बाद से ही पति विकास खत्री द्वारा 5 लाख रुपए नगद और मोटरसाइकिल की मांग की जा रही थी। मांग पूरी न होने पर महिला के साथ मारपीट, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीड़न शुरू हो गया।

पीड़िता का आरोप है कि उसका पति शराब का आदी है और अक्सर उसे व उसके बच्चों को खाना तक नहीं देता। इतना ही नहीं, महिला को बच्चों समेत घर से निकाल दिया गया और अब वह किराए के मकान में रहकर अपना जीवन यापन करने को मजबूर है।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसका पति अन्य महिलाओं के साथ रहता है और उसे लगातार जान से मारने की धमकी देता है। गर्भावस्था के दौरान भी उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत और भी खराब हो गई।

पीड़िता का कहना है कि उसका पति वन मंडल शिवपुरी में शासकीय सेवा में पदस्थ है, इसके बावजूद उसके खिलाफ अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

❗ बड़े सवाल:
क्या सरकारी कर्मचारी होने का मिल रहा है फायदा?

दहेज मांग और मारपीट के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं?

महिला और बच्चों की सुरक्षा कौन करेगा?

🔥 निष्कर्ष (इम्पैक्ट लाइन):

👉 अगर ऐसे मामलों में भी सख्त कार्रवाई नहीं होती, तो कानून का डर खत्म होना तय है… अब देखना होगा कि शिवपुरी पुलिस इस पीड़ित महिला को कब तक न्याय दिला पाती है!
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