माधव टाइगर रिजर्व में मेले पर बवाल! दुकानदारों का जाम, क्या प्रबंधन की मनमानी या दोहरा खेल?

Nikk Pandit
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नवरात्र मेले में दुकानें अंदर लगाने पर रोक से भड़के दुकानदार, आरोप—कुछ को छूट, बाकी को लूट!

सागर शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के माधव टाइगर रिजर्व स्थित प्राचीन मां बलारी मंदिर में चैत्र नवरात्र मेले के दौरान रविवार को बड़ा विवाद खड़ा हो गया। पार्क प्रबंधन द्वारा दुकानदारों को भरकुली गेट पर रोकने से नाराज व्यापारियों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया और गेट पर जाम लगा दिया।

इस जाम के कारण सड़क पर कई किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर तक नहीं पहुंच सके। धार्मिक आस्था के इस बड़े आयोजन में अव्यवस्था ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

दरअसल, कलेक्ट्रेट में हुई बैठक में टाइगर रिजर्व प्रबंधन, जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने बाघों की सुरक्षा के नाम पर मंदिर परिसर के पास दुकानें लगाने पर रोक लगाने का निर्णय लिया था। दुकानदारों को गेट के बाहर ही दुकानें लगाने के निर्देश दिए गए थे।

लेकिन सवाल तब उठे जब दुकानदारों ने आरोप लगाया कि कुछ चुनिंदा लोगों को मंदिर के पास दुकान लगाने की अनुमति दे दी गई, जबकि बाकी को रोक दिया गया। इससे नाराज होकर रविवार को बड़ी संख्या में व्यापारी भड़क गए और विरोध में जाम लगा दिया।

करीब शाम 6:30 बजे बातचीत के बाद मामला शांत हुआ और जाम खुल सका !

⚠️ बड़े सवाल (सीधे प्रशासन पर):

❓ क्या टाइगर रिजर्व प्रबंधन दोहरे नियम अपना रहा है

❓ अगर सुरक्षा कारण हैं, तो कुछ दुकानों को अंदर अनुमति क्यों?

❓ क्या इसमें भेदभाव या सेटिंग का खेल है?

❓ मेले जैसी बड़ी व्यवस्था में पहले से प्लानिंग क्यों नहीं हुई?

❓ श्रद्धालुओं को परेशान करने का जिम्मेदार कौन?

🚨 कार्रवाई की मांग:

👉 पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो

👉 जिन अधिकारियों/कर्मचारियों ने भेदभाव किया, उन पर कार्रवाई हो

👉 भविष्य में मेले के लिए स्पष्ट और पारदर्शी नियम बनाए जाएं

👉 श्रद्धालुओं और दुकानदारों दोनों की सुविधा का संतुलन सुनिश्चित किया जाए

⚡ हाइलाइट्स:

भरकुली गेट पर दुकानदारों का जाम

कई किलोमीटर लंबी वाहनों की लाइन

श्रद्धालु मंदिर तक नहीं पहुंच सके

दुकानदारों का आरोप—चुनिंदा लोगों को मिली छूट

शाम 6:30 बजे समझौते के बाद खुला जाम
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