सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के सिंहनिवास गांव में फायरिंग और मारपीट का मामला अब पूरी तरह दोतरफा हो गया है। पहले एक पक्ष की शिकायत पर केस दर्ज हुआ था, अब पुलिस ने दूसरे पक्ष पर भी सख्त कार्रवाई करते हुए पूर्व जनपद अध्यक्ष पारम रावत के भाई जय सिंह रावत समेत चार लोगों पर हत्या के प्रयास की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर दी है। ग्वालियर में इलाज करा रहे घायल प्रमोद रावत और उनकी पत्नी के बयान के बाद मामला और गंभीर हो गया है।
💥 रात 11 बजे का खूनी घटनाक्रम!
प्रमोद रावत की पत्नी उमा रावत के अनुसार, 26 अप्रैल की रात जब प्रमोद गांव में पुलिया के पास से घर लौट रहे थे, तभी आरोपियों ने उन्हें घेर लिया। पुरानी रंजिश ने अचानक हिंसक रूप ले लिया—गाली-गलौज के बाद हमला शुरू हो गया। सवाल उठता है—क्या यह पहले से प्लान किया गया हमला था?
⚠️ लाठी-रॉड से बेरहमी से पिटाई
आरोप है कि जय सिंह ने सिर पर वार किया, अरविंद ने लोहे की रॉड से कंधे और पीठ पर हमला किया, जबकि अन्य आरोपियों ने लाठियों से जमकर मारपीट की। हमले में प्रमोद रावत को सिर, पीठ, हाथ-पैर में गंभीर चोटें आईं—हालत इतनी बिगड़ी कि उन्हें तुरंत रेफर करना पड़ा।
🚑 गंभीर हालत, ग्वालियर में इलाज जारी
पहले शिवपुरी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन हालत नाजुक होने पर प्रमोद रावत को ग्वालियर के जेएएच ट्रामा सेंटर भेजा गया। अभी वह बयान देने की स्थिति में नहीं हैं—क्या सच पूरी तरह सामने आ पाएगा?
🛑 पुलिस की बड़ी कार्रवाई
पुलिस ने जय सिंह रावत, अरविंद, दीवान, लाखन समेत अन्य के खिलाफ BNS की धाराओं में हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं पहले से दर्ज केस भी जारी है—यानी अब मामला पूरी तरह आमने-सामने की लड़ाई बन चुका है।
🤔 बड़े सवाल जो खड़े हो रहे हैं
क्या यह पुरानी रंजिश का खतरनाक अंजाम है?
क्या दोनों पक्षों की कहानी में सच अलग-अलग है?
क्या पुलिस निष्पक्ष जांच कर पाएगी या दबाव में आएगी?
सिंहनिवास में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं, और यह मामला आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।