थरखेड़ा में बवाल: सीमांकन करने पहुंची टीम को ग्रामीणों ने खदेड़ा!जमीन पर कब्जे के आरोप, आदिवासी परिवारों का फूटा गुस्सा—क्या छीनी जा रही है पुश्तैनी जमीन?

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले की नरवर तहसील के थरखेड़ा गांव में उस वक्त माहौल गर्मा गया, जब सीमांकन करने पहुंची प्रशासनिक टीम को आदिवासी परिवारों के जबरदस्त विरोध का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़ गए कि टीम को बिना कार्रवाई किए ही वापस लौटना पड़ा। गांव में तनाव और आक्रोश साफ देखा गया—लोगों का कहना है कि उनकी जमीन पर जबरन कब्जा करने की साजिश हो रही है।

💥 गंभीर आरोपों से गरमाया मामला

मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सरपंच अजब सिंह और नगर परिषद नरवर के अध्यक्ष पति संदीप महेश्वरी पर सीधे-सीधे जमीन कब्जाने के आरोप लगाए हैं। आदिवासी परिवारों का कहना है कि वे वर्षों से इस जमीन पर खेती कर रहे हैं, फिर अचानक प्रशासन क्यों सक्रिय हुआ? क्या यह कार्रवाई किसी दबाव में की जा रही है?

⚠️ “10 बीघा जमीन से बेदखल करने की कोशिश”

लाडले आदिवासी नामक ग्रामीण ने दावा किया कि वह करीब 10 बीघा जमीन पर लंबे समय से खेती कर रहा है, लेकिन अब उसे हटाने की तैयारी की जा रही है। सवाल उठता है—क्या गरीबों की जमीन पर सिस्टम की नजर है? और क्या उनकी आवाज दबाई जा रही है?

🛑 प्रशासन का पक्ष और आगे की चेतावनी

खनिज निरीक्षक सोनू श्रीवास के अनुसार, विवादित जमीन पर वेद प्रकाश शर्मा के नाम से खनिज लीज स्वीकृत है, जिसके आधार पर सीमांकन कराया जा रहा था। वहीं, तहसीलदार विजय त्यागी ने साफ कहा कि विरोध के चलते काम नहीं हो पाया, लेकिन जल्द ही जमीन खाली कराकर लीज धारक को सौंपने की कार्रवाई की जाएगी।

🤔 बड़े सवाल खड़े करता मामला

क्या आदिवासी परिवारों के हक पर अतिक्रमण हो रहा है?
क्या प्रशासन दबाव में काम कर रहा है या नियम के तहत कार्रवाई हो रही है?
जमीन असल में किसकी—कागज की या वर्षों से खेती कर रहे लोगों की?

यह मामला अब सिर्फ सीमांकन नहीं, बल्कि हक और अस्तित्व की लड़ाई बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद और तूल पकड़ सकता है।
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