शिवपुरी में झोलाछाप डॉक्टरों पर बड़ा वार: 5 अवैध क्लिनिक सील, कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग का एक्शन!

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में अवैध रूप से चल रहे क्लिनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन लिया है। कोलारस विकासखंड के ग्राम खरई और डेहरवारा में गुरुवार को छापामार कार्रवाई कर 5 झोलाछाप डॉक्टरों के क्लिनिक सील कर दिए गए।

यह कार्रवाई कलेक्टर अर्पित वर्मा को जनसुनवाई में मिली शिकायत के बाद की गई, जिससे साफ है कि अब प्रशासन फर्जी इलाज करने वालों पर सख्ती के मूड में है। लेकिन सवाल ये भी है—क्या अब तक ये सब खुलेआम कैसे चल रहा था? 

सीएमएचओ डॉ. संजय ऋषीश्वर के मुताबिक ग्रामीणों ने बिना अनुमति क्लिनिक चलने की शिकायत की थी। इसके बाद जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुनील खंडोलिया, बीएमओ डॉ. संजय राठौर, एपिडेमियोलॉजिस्ट लालजू शाक्य और फार्मासिस्ट बालेन्दु रघुवंशी की टीम गठित कर मौके पर भेजी गई।

 टीम ने जब जांच की, तो कई जगहों पर बिना रजिस्ट्रेशन और वैध दस्तावेज के इलाज होता मिला—जो सीधे-सीधे लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ है।

ग्राम खरई में कार्रवाई के दौरान अखलेश पाल द्वारा संचालित मानवी क्लिनिक से दस्तावेज मांगे गए, लेकिन पंजीयन न दिखाने पर क्लिनिक को सील कर दिया गया। इसी तरह कार्तिक धाकड़ भी बिना वैध अनुमति के क्लिनिक चलाते पाए गए, उनका क्लिनिक भी बंद कराया गया। वहीं नीरज गौतम, सुबल कुमार, रिंकू धाकड़ और अरविंद धाकड़ के क्लिनिक जांच के समय बंद मिले—जिससे शक और गहरा हो गया कि कहीं कार्रवाई की भनक पहले तो नहीं लग गई थी?

ग्राम डेहरवारा में भी तस्वीर अलग नहीं थी। यहां गणेश कुमार धाकड़, जितेंद्र पाल और संदीप धाकड़ के क्लिनिकों पर छापा मारकर दस्तावेज मांगे गए, लेकिन कोई वैध कागजात नहीं मिलने पर तीनों क्लिनिकों को तत्काल सील कर दिया गया। वहीं रामनिवास धाकड़ का क्लिनिक बंद मिला।

स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे, ताकि ग्रामीण इलाकों में चल रही अवैध चिकित्सा गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। लेकिन बड़ा सवाल अभी भी खड़ा है—
❓ क्या इन फर्जी क्लिनिकों की पहले कभी जांच नहीं हुई?
❓ क्या जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक बंद थी?
❓ और सबसे अहम—इनके इलाज से अगर किसी की जान गई हो, तो जिम्मेदारी कौन लेगा?

📢 शिवपुरी में ये कार्रवाई तो शुरुआत है… लेकिन क्या सिस्टम अब पूरी तरह जागेगा या फिर कुछ दिनों बाद सब फिर पहले जैसा हो जाएगा?
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