सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के नरवर थाना क्षेत्र में 19 वर्षीय अरविंद कुशवाहा की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। गुरुवार सुबह मजदूरी पर निकले अरविंद की लाश कुछ ही देर बाद सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ी मिली। पुलिस इसे अज्ञात वाहन की टक्कर बता रही है, लेकिन परिजनों ने इसे साफ तौर पर हत्या बताते हुए करेरा रोड पर चक्काजाम कर दिया। सवाल सीधा है—क्या यह महज एक्सीडेंट है या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश छिपी है?
मृतक अरविंद कुशवाहा (19), पुत्र शिव सिंह कुशवाहा, सुबह करीब 9 बजे घर से मजदूरी के लिए निकला था। रास्ते में किसी अज्ञात वाहन ने पीछे से टक्कर मारी—ऐसा बताया जा रहा है। घटना की सूचना लाले कुशवाहा ने फोन पर वीरेंद्र कुशवाहा को दी कि MIPS कॉलेज के पास हादसा हुआ है।
जब वीरेंद्र मौके पर पहुंचे, तो उन्होंने अरविंद को सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ा पाया। यह दृश्य ही कई सवाल खड़े करता है—अगर यह सामान्य एक्सीडेंट था, तो युवक सड़क पर क्यों नहीं, झाड़ियों में कैसे पहुंचा?
घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने करेरा रोड पर लोधी माता मंदिर के पास, बालक दास आश्रम के नजदीक शव रखकर चक्काजाम कर दिया। करीब दो घंटे तक सड़क पर लंबा जाम लगा रहा और लोग निष्पक्ष जांच की मांग करते रहे। परिजनों का साफ कहना है कि मामला संदिग्ध है और इसकी गहराई से जांच होनी चाहिए—कहीं यह सोची-समझी हत्या तो नहीं?
पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचे, समझाइश के बाद शाम करीब 6:30 बजे जाम खुल सका। लेकिन सबसे बड़ा सवाल अब भी खड़ा है—क्या प्रशासन शुरुआत से ही मामले को “सिर्फ एक्सीडेंट” बताकर गंभीर पहलुओं को नजरअंदाज कर रहा है?
❓ आखिर युवक झाड़ियों में कैसे पहुंचा?
❓ अज्ञात वाहन का अब तक कोई सुराग क्यों नहीं?
❓ क्या जांच सही दिशा में हो रही है या सच्चाई दबाई जा रही है?
📢 शिवपुरी में एक और मौत… और फिर वही सवाल—क्या आम आदमी की जान की कीमत इतनी कम हो गई है?