सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के करैरा क्षेत्र में प्रशासन ने अवैध गुटखा कारोबार पर बड़ा शिकंजा कसते हुए ग्राम टीला और अमोला कॉलोनी में संचालित दो फैक्ट्री यूनिटों पर छापेमार कार्रवाई कर उन्हें सील कर दिया। शुक्रवार को एसडीएम अनुराग निंगवाल के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासनिक टीम ने संयुक्त रूप से यह ऑपरेशन चलाया, जिसमें लंबे समय से चल रहे अवैध गुटखा निर्माण, प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के काले खेल का खुलासा हुआ। टीम के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई—संचालक फरार हो गए, लेकिन कई मजदूर मौके पर मिले, जिससे पूरे नेटवर्क पर सवाल खड़े हो गए।
कार्रवाई के दौरान पहले टीला स्थित यूनिट को सील किया गया, जहां फैक्ट्री के साथ लगे गोदाम को भी बंद कराया गया। इसके बाद टीम अमोला कॉलोनी पहुंची और वहां चल रही दूसरी अवैध यूनिट पर भी ताला जड़ दिया। करीब 6 घंटे चली इस कार्रवाई में 11 से ज्यादा मशीनें, दो लोडिंग वाहन, एक आईसर ट्रक और केमिकल से भरे कई ड्रम जब्त किए गए। साथ ही भारी मात्रा में गुटखा निर्माण सामग्री भी मिली, जिससे साफ है कि यहां बड़े स्तर पर अलग-अलग ब्रांड के नाम से गुटखा तैयार किया जा रहा था।
इस पूरी कार्रवाई में एसडीएम अनुराग निंगवाल के साथ एसडीओपी आयुष जाखड़, तहसीलदार ललित शर्मा और खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष मिश्रा की टीम शामिल रही। अधिकारियों ने सभी यूनिट्स को खाद्य सुरक्षा कानून के तहत सील कर दिया है और जांच के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही है।
अब बड़ा सवाल यही है—
👉 इतने लंबे समय से चल रही इन फैक्ट्रियों पर पहले नजर क्यों नहीं गई?
👉 क्या इस अवैध कारोबार के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क या संरक्षण है?
👉 और क्या इस कार्रवाई के बाद सच में गुटखा
माफिया पर लगाम लगेगी या फिर कुछ दिनों बाद फिर वही खेल शुरू होगा?
📢 शिवपुरी में अवैध कारोबार पर बड़ी चोट… लेकिन असली मास्टरमाइंड कब आएंगे सामने?