सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया है। ऐरावन गांव निवासी 40 वर्षीय सरवन पुत्र लच्छी आदिवासी बुधवार सुबह अपनी गाय की तलाश में जंगल गया था, लेकिन फिर वापस नहीं लौटा। L
परिवार को लगा कि वह पास के मंदिर में चल रही अखंड धुन में रुक गया होगा, लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा खौफनाक निकली। माधव टाइगर रिजर्व की सीमा में सिंध नदी किनारे जो मिला, उसने सबको सन्न कर दिया—सरवन के शरीर का सिर्फ करीब 25% हिस्सा, जिसमें एक पैर, एक हाथ, सिर का हिस्सा और मांस के लोथड़े शामिल थे। पहचान केवल कपड़ों और जूतों से हो सकी, जिन्हें नदी किनारे पाया गया।
वन विभाग की टीम इन अवशेषों को बोरी में भरकर लाई और पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जबकि अंतिम पुष्टि के लिए मृतक के बेटे का DNA टेस्ट भी कराया जाएगा। प्रारंभिक अनुमान है
कि सरवन नदी में नहाने गया था, तभी घात लगाकर बैठी मादा टाइगर MT-6 ने उस पर हमला कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से इलाके में वन विभाग की गाड़ियों की आवाजाही बढ़ी थी, जिससे टाइगर की मौजूदगी का अंदेशा था—लेकिन सवाल उठता है कि जब खतरा था तो अलर्ट क्यों नहीं किया गया?
बताया जा रहा है कि यह मादा टाइगर MT-6 का तीसरा हमला है—पहले एक बुजुर्ग, फिर एक भैंस और अब एक इंसान की जान चली गई।
गांव में डर का माहौल है और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। क्या वन विभाग इस खूनी सिलसिले को रोक पाएगा? क्या MT-6 को पकड़ने के लिए कोई ठोस कार्रवाई होगी या ग्रामीणों को यूं ही खतरे में छोड़ दिया जाएगा? 😡