सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर इन दिनों भीषण जल संकट की चपेट में है। हालात इतने खराब हैं कि लोगों को रातभर जागकर पानी भरना पड़ रहा है, जबकि दिन में भी पानी के लिए जद्दोजहद जारी है। मजदूर वर्ग के लिए स्थिति और भी कठिन हो गई है—दिनभर मेहनत के बाद रात में पानी के इंतजाम में लगना पड़ रहा है। आखिर कब सुधरेगी ये व्यवस्था?
जानकारी के अनुसार, सिंध जलावर्धन योजना की सप्लाई लगभग ठप पड़ी है। ट्रीटमेंट प्लांट की तीन में से दो मोटर खराब होने के कारण केवल 30% पानी ही सप्लाई हो पा रहा है। इसका सीधा असर शहर के करीब 70% हिस्से पर पड़ा है, जहां नलों में पानी पहुंच ही नहीं रहा। सवाल उठता है—क्या इतनी बड़ी योजना का बैकअप सिस्टम नहीं था?
फिजिकल रोड स्थित पीएचई कार्यालय के पास लगे बोरवेल पर हालात बेकाबू नजर आ रहे हैं। यहां रात 11 बजे तक भी लंबी कतारें लगी रहती हैं और पानी के लिए मारामारी का माहौल बना हुआ है। महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे तक इस परेशानी से जूझ रहे हैं—क्या यही है शहर की बुनियादी सुविधा?
⚠️ एक तरफ प्यास, दूसरी तरफ बर्बादी!
जहां एक ओर लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं कोर्ट रोड सब्जी मंडी के पास फूटी पाइपलाइन से हजारों लीटर पानी सड़क पर बहता रहा। बुधवार रात 10 बजे से गुरुवार सुबह 9 बजे तक लगातार पानी बहता रहा, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। क्या ये लापरवाही नहीं, बल्कि सिस्टम की नाकामी नहीं है?
👉 अब बड़ा सवाल:
क्या समय रहते मोटरों की मरम्मत होगी?
क्या पाइपलाइन लीकेज पर तुरंत कार्रवाई होगी?
या फिर शिवपुरी की जनता यूं ही पानी के लिए तड़पती रहेगी?
📢 शिवपुरी की ये तस्वीर कई सवाल खड़े कर रही है—जवाब कौन देगा?