सागर शर्मा शिवपुरी:खबर दतिया। जिले में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली सनसनीखेज घटना सामने आई है। एक कॉन्स्टेबल ने अपने भाई और साथियों के साथ मिलकर रिकवरी एजेंट का अपहरण कर लिया, फायरिंग की और मारपीट करते हुए उसे बोलेरो में जबरन बैठाकर ले गए।
पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों का करीब 7 किलोमीटर तक पीछा किया, जिसके बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि कॉन्स्टेबल सहित चार आरोपी फरार हैं।
⚡ बाइक की किस्त विवाद बना कारण
जानकारी के अनुसार दतिया निवासी विजय रावत (21) एक फाइनेंस कंपनी में रिकवरी एजेंट है। 6 अप्रैल को उसने बकाया किस्त नहीं चुकाने पर एक बाइक जब्त की थी। इसी बात को लेकर आरोपियों में नाराजगी थी और गुरुवार को उन्होंने वारदात को अंजाम दिया।
🚗 दुकान में घुसकर मारपीट, फिर अपहरण
गुरुवार दोपहर विजय रावत एक एमपी ऑनलाइन सेंटर पर बैठा था, तभी सफेद बोलेरो से पहुंचे 6 आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए हमला कर दिया।
👉 विजय और अन्य लोगों से मारपीट की
👉 दुकान में तोड़फोड़ की
👉 विजय को जबरन बोलेरो में बैठाकर अपहरण कर लिया
आरोपियों ने रास्ते में उसकी कनपटी पर कट्टा अड़ाकर जब्त की गई बाइक वापस मंगाने का दबाव बनाया।
🔫 दो घंटे पहले महिला पर भी फायरिंग
चौंकाने वाली बात यह है कि अपहरण से करीब दो घंटे पहले ही मुख्य आरोपी छोटू मांझी ने अपने साथियों के साथ एक महिला पर फायरिंग की थी, जिससे पूरे क्षेत्र में दहशत फैल गई।
🚓 7Km पीछा, दो आरोपी गिरफ्तार
सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और आरोपियों का पीछा शुरू किया।
करीब 7 किलोमीटर पीछा करने के बाद बोलेरो फंस गई, जिससे आरोपी गाड़ी छोड़कर भाग निकले।
👉 पीड़ित मौके से सुरक्षित पुलिस के पास पहुंच गया
👉 छोटू मांझी और बंटी को गिरफ्तार किया गया
👉 कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी सहित 4 आरोपी फरार
⚠️ कॉन्स्टेबल पहले से संदिग्ध
दिनारा थाना प्रभारी के अनुसार आरोपी कॉन्स्टेबल राजपाल मांझी ड्यूटी से गैरहाजिर था और उसका व्यवहार पहले से संदिग्ध रहा है।
❓ बड़े सवाल खड़े
👉 जब पुलिसकर्मी ही अपराध में शामिल हों, तो कानून व्यवस्था पर भरोसा कैसे कायम रहेगा?
👉 एक ही दिन में फायरिंग और अपहरण—क्या पुलिस की निगरानी कमजोर पड़ गई है?
🔥 पंच लाइन:
"जब वर्दी ही बन जाए खतरा… तो जनता किससे मांगे सुरक्षा?"