BJP विधायक प्रीतम लोधी को नोटिस, 3 दिन में जवाब तलब!SDOP से विवादित बयान और बेटे के एक्सीडेंट केस से गरमाई सियासत

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले की पिछोर सीट से भाजपा विधायक प्रीतम लोधी को प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। नोटिस में उनके हालिया आचरण को “अत्यंत आपत्तिजनक” बताते हुए 3 दिन के भीतर जवाब देने को कहा गया है। पार्टी ने साफ किया है कि यह व्यवहार अनुशासन के खिलाफ है।

📌 SDOP से क्या कहा था विधायक ने?

विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा SDOP आयुष जाखड़ से तीखे सवाल किए थे—
“तुम्हें दिल्ली से निर्देश कौन भेज रहा है? क्या मोदी, अमित शाह या महाराज सिंधिया भेज रहे हैं? भोपाल में पार्टी नेतृत्व होने के बावजूद निर्देश सिर्फ तुम्हें ही क्यों मिल रहे हैं?”

इसके अलावा उनका यह बयान भी चर्चा में रहा—
“SDOP तेरे डैडी का करैरा नहीं है… अधिकारी औकात में रहें, कानून हमें भी आता है।”

⚠️ राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचा मामला

SDOP पर टिप्पणी के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने प्रदेश संगठन से पूरी रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष द्वारा नोटिस जारी किया गया।

🗣️ विधायक का पक्ष

प्रीतम लोधी का कहना है कि उन्हें अभी तक आधिकारिक रूप से नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है। नोटिस मिलने के बाद ही वे अपना पक्ष रखेंगे और जवाब देंगे।

🚗 बेटे के एक्सीडेंट ने बढ़ाई मुश्किलें

16 अप्रैल सुबह करीब 7:30 बजे दिनेश लोधी (विधायक के बेटे) ने थार गाड़ी से पहले पैदल चल रही महिलाओं—सीता वर्मा और पूजा सोनी—को टक्कर मारी, फिर बाइक सवार संजय परिहार और उनके साथियों को टक्कर मार दी। इस हादसे में कुल 5 लोग घायल हुए।

पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर थार वाहन जब्त कर लिया था।

🔍 जांच में क्या निकला?

कोर्ट के आदेश के बाद दिनेश लोधी करैरा थाने पहुंचा, जहां SDOP आयुष जाखड़ और थाना प्रभारी विनोद छावई ने पूछताछ की। जांच में सामने आया कि थार में अवैध हूटर और काली फिल्म लगी थी। पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत चालान काटकर वाहन सुपुर्द किया।

🛑 विधायक का दावा

विधायक प्रीतम लोधी ने कहा कि उन्होंने खुद एसपी से कहकर बेटे पर FIR दर्ज करवाई, गाड़ी भिजवाई और उसे थाने भेजा।

🏛️ विपक्ष का हमला

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा—
“जो पार्टी दूसरों पर अपराधियों को संरक्षण देने का आरोप लगाती थी, आज उसके मंत्री और विधायक ही कानून की धज्जियां उड़ा रहे हैं।”
❓ बड़े सवाल खड़े…

क्या पार्टी विधायक पर सख्त कार्रवाई करेगी?
क्या बेटे के केस में निष्पक्ष जांच होगी?
क्या राजनीतिक दबाव के बीच कानून अपना काम कर पाएगा?
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