शिवपुरी में गूंजा “जय परशुराम” का जयघोष! तुलसी आश्रम बड़े हनुमान मंदिर में भव्य प्रोकट्योत्सव समारोह

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी के कत्था मिल स्थित श्री तुलसी आश्रम बड़े हनुमान मंदिर में अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान श्री परशुराम का प्रोकट्योत्सव बड़े ही हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 6 बजे से शुरू हुए इस आयोजन में 11 पंडितों द्वारा विधिवत पूजा-अर्चना, श्रीमद् भागवत गीता पाठ, हनुमान चालीसा और परशुराम चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया—जिससे पूरा परिसर भक्तिमय माहौल में डूब गया।

✨ समाज के दिग्गजों की मौजूदगी, सामूहिक पूजन और भव्य आरती

कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा (सनातन समिति) के नेतृत्व में किया गया, जिसमें समाज के सभी संगठनों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। मुख्य अतिथि के रूप में महामंडलेश्वर श्री श्री 1008 पुरुषोत्तम दास महाराज उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता जेलर पंडित आर.सी. शर्मा ने की। विशिष्ट अतिथियों में पंडित माधव शरण दुबे और पंडित विनोद शास्त्री शामिल रहे। दीप प्रज्वलन और पुष्पमाला अर्पण के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जिसमें कई गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता निभाई।

🎤 भजन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सम्मान समारोह ने बांधा समा

कार्यक्रम में छात्रों द्वारा गणेश वंदना और भजन प्रस्तुतियों ने सभी का मन मोह लिया। वहीं समाज के बुजुर्गों का पैर पूजन कर सम्मान किया गया और कक्षा 10वीं में टॉप 10 व 12वीं में 85-98% अंक लाने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। साथ ही योग गुरु कैलाश नारायण मुद्गल और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक पुरुषोत्तम शर्मा को भी सम्मान मिला।

💰 दान में आगे आया समाज—लाखों की सहयोग राशि!

इस दौरान पंडित विनोद शास्त्री ने ₹2 लाख और हजारी प्रसाद दीक्षित (गायत्री कॉलोनी) ने ₹1.51 लाख का दान देकर निर्माणाधीन परशुराम सभागृह के लिए बड़ा योगदान दिया। क्या यह सहयोग समाज को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है? 🤔

🗣️ युवाओं के लिए संदेश—“शास्त्र और शस्त्र दोनों में पारंगत बनो”

मुख्य अतिथि महामंडलेश्वर ने अपने उद्बोधन में युवाओं को शिक्षा, संस्कार, शास्त्र और शस्त्र में निपुण बनने का संदेश दिया। वहीं विशिष्ट अतिथि विनोद शास्त्री ने कहा—“जब समाज शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त होगा, तभी समस्याओं का समाधान संभव है।”

❓ उठते सवाल…

क्या ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन युवाओं को सही दिशा दे पा रहे हैं?
क्या समाज की एकजुटता से आने वाले समय में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे?

🙏 भंडारे के साथ हुआ भव्य समापन

कार्यक्रम का संचालन महावीर मुद्गल और विजय भारद्वाज ने किया, जबकि अंत में आभार भरत उपाध्याय और कुंज बिहारी परासर ने व्यक्त किया। पद्यांश भार्गव द्वारा हनुमान चालीसा कैलेंडर वितरण किया गया और अंत में भव्य भंडारे के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।

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