विधायक के बयान पर IPS एसोसिएशन सख्त, जारी किया प्रेस नोट

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी में करैरा SDOP डॉ. आयुष जाखड़ को लेकर पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बयान पर विवाद गहरा गया है। IPS एसोसिएशन, मध्यप्रदेश ने 21 अप्रैल 2026 को प्रेस नोट जारी कर विधायक की टिप्पणी को अमर्यादित, निंदनीय और धमकीपूर्ण बताया है।

क्या जनप्रतिनिधियों की भाषा का स्तर इतना गिर सकता है कि प्रशासनिक गरिमा ही सवालों में आ जाए?

प्रेस नोट में कहा गया है कि वायरल वीडियो में जिस तरह की भाषा का उपयोग किया गया, वह न केवल एक अधिकारी बल्कि पूरे प्रशासनिक तंत्र के सम्मान के खिलाफ है।

आखिर ऐसी बयानबाजी से अधिकारियों का मनोबल कैसे बना रहेगा? क्या इससे कानून व्यवस्था पर असर नहीं पड़ेगा?

⚠️ एसोसिएशन ने स्पष्ट कहा है कि जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण और भाषा में संयम रखना चाहिए, वरना यह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरा बन सकता है।

 बयान को अमर्यादित, निंदनीय और धमकीपूर्ण बताया गया है। लेकिन अब असली मुद्दा—जवाबदेही कौन तय करेगा?

❓ क्या एक जनप्रतिनिधि को इस तरह की भाषा का अधिकार है?
❓ क्या यह बयान प्रशासनिक अधिकारियों के सम्मान पर सीधा हमला नहीं?
❓ क्या इससे पुलिस और प्रशासन का मनोबल कमजोर नहीं होगा?
❓ क्या लोकतंत्र में असहमति के नाम पर अपमान स्वीकार किया जा सकता है?
❓ क्या इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई होगी या फिर मामला दब जाएगा?

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