सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के पिछोर विधायक प्रीतम लोधी के एक कथित बयान को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करैरा एसडीओपी पर की गई टिप्पणी के बाद अब सम्पूर्ण बहुजन समाज संगठन खुलकर सामने आ गया है। संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
📌 क्या है पूरा मामला?
ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि विधायक लोधी ने एसडीओपी जाकड़ के खिलाफ सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक बयान दिया, जिसे संगठन ने कानून व्यवस्था के लिए खतरा और प्रशासन को खुली चुनौती बताया है। उनका कहना है कि इस तरह के बयान लोकतांत्रिक मर्यादाओं के खिलाफ हैं।
⚠️ तानाशाही रवैये के आरोप
बहुजन समाज के प्रतिनिधि दिनेश जौराठी ने विधायक पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनका रवैया तानाशाही जैसा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विधायक के बेटे द्वारा सड़क हादसे किए जाने के बावजूद कार्रवाई प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है।
❗ पहले भी विवादों में नाम
जौराठी के अनुसार, यह पहला मामला नहीं है। उन्होंने दावा किया कि विधायक पहले भी पुलिस अधीक्षक के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां कर चुके हैं, जो जनप्रतिनिधि के पद की गरिमा के खिलाफ है।
❓ बड़े सवाल खड़े…
क्या जनप्रतिनिधि का ऐसा व्यवहार स्वीकार्य है? क्या प्रशासन निष्पक्ष जांच कर पाएगा? अगर आरोप सही साबित होते हैं तो क्या सख्त कार्रवाई होगी?
🛑 संगठन की मांग
बहुजन समाज ने स्पष्ट कहा है कि मामले की गहन जांच की जाए और यदि विधायक दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ पार्टी स्तर पर सदस्यता समाप्त करने पर भी विचार किया जाए।
🏛️ प्रशासनिक हलचल तेज
सूत्रों के अनुसार, मामले में प्रशासनिक स्तर पर जांच प्रक्रिया शुरू होने की बात सामने आ रही है। वहीं, राजनीतिक गलियारों में यह मुद्दा तेजी से चर्चा का केंद्र बन चुका है।