सागर शर्मा शिवपुरी: खबर शिवपुरी जिले में गेहूं उपार्जन को लेकर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे उपार्जन केंद्रों का लगातार भ्रमण करें और व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी रखें। जहां भी कोई कमी या अव्यवस्था मिले, उसका तुरंत समाधान सुनिश्चित किया जाए। 🌾
👉 लापरवाही पर सीधी चेतावनी
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा है कि उपार्जन जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। किसानों को केंद्रों पर किसी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए छाया, पेयजल और मूलभूत सुविधाएं अनिवार्य रूप से उपलब्ध रहें।
👉 मैदान में उतरे अधिकारी
कलेक्टर के निर्देश के बाद जिले के एसडीएम, तहसीलदार और नायब तहसीलदार उपार्जन केंद्रों पर पहुंचे और व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने—
बारदाने की उपलब्धता
परिवहन व्यवस्था
किसानों को भेजे जा रहे SMS और स्लॉट बुकिंग
की विस्तृत जानकारी ली।
👉 किसानों से वसूली पर सख्ती
अधिकारियों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि तोल के नाम पर किसानों से कोई राशि नहीं ली जाएगी। साथ ही उपज की गुणवत्ता और निर्धारित वजन से अधिक तौल जैसी अनियमितताओं पर भी कड़ी नजर रखने को कहा गया है।
👉 45 खरीदी केंद्रों पर विशेष निगरानी
जिले में कुल 45 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर निगरानी के लिए कलेक्टर ने नोडल और सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति की है, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारु बनी रहे।
👉 प्रशासन का साफ संदेश
कलेक्टर अर्पित वर्मा का कहना है कि किसानों की सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता है और उपार्जन व्यवस्था में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या शिकायत सामने आने पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी।
अब बड़े सवाल 👉
❓ क्या इन सख्त निर्देशों का असर जमीनी स्तर पर दिखेगा?
❓ क्या किसानों से होने वाली वसूली और अव्यवस्थाएं खत्म होंगी?
❓ क्या अधिकारियों की यह सक्रियता पूरे सीजन में बनी रहेगी?
⚖️ फिलहाल प्रशासन अलर्ट मोड में है… और नजरें अब व्यवस्था के वास्तविक सुधार पर टिकी हैं।