सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी में भगवान परशुराम जयंती को लेकर तैयारियां अब तेज हो गई हैं। रविवार को कृष्णपुरम वार्ड क्रमांक 10 में पंडित अशोक कुमार शर्मा के निज निवास पर परशुराम कल्याण बोर्ड शिवपुरी की कार्यकारिणी बैठक आयोजित हुई, जिसकी अध्यक्षता जिला संरक्षक पंडित कुंज बिहारी पाराशर ने की।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष 20 अप्रैल 2026, प्रातः 8 बजे श्री राम जानकी तुलसी आश्रम, बड़े हनुमान मंदिर (कत्था मिल) स्थित परशुराम सभागार में भगवान परशुराम जयंती उत्सव भव्य रूप से मनाया जाएगा।
⚡ कार्यक्रम की रूपरेखा क्या रहेगी?
वार्ड प्रभारी पंडित रमेश भार्गव (रातोर वाले) एवं पंडित सुरेश चंद्र पाराशर ने बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना से होगी, जिसके बाद गीता पाठ, परशुराम चालीसा एवं हवन किया जाएगा। इस दौरान जिले, प्रदेश, देश और विश्व शांति तथा सामाजिक भाईचारे की कामना की जाएगी।
🎯 इस बार खास क्या रहेगा?
वार्ड 14 के प्रभारी पंडित लक्ष्मी नारायण शर्मा (आकुर्सी वाले) ने बताया कि इस बार आयोजन को विशेष रूप से आकर्षक और व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत का संदेश व्यापक स्तर पर पहुंचे।
👉 मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का स्वागत-सम्मान
👉 पंडित कैलाश नारायण भार्गव के मार्गदर्शन में सांस्कृतिक कार्यक्रम
👉 जिला अस्पताल में मरीजों व अटेंडरों को शाम 6 से 7 बजे तक खाद्य सामग्री वितरण
👉 पूरे ब्राह्मण समाज सहित सभी वर्गों को आमंत्रण
⚠️ बड़ी तैयारी… लेकिन सवाल भी बड़े!
क्या इस बार आयोजन रिकॉर्ड स्तर पर होगा?
क्या समाज की एकजुटता का मजबूत संदेश जाएगा?
क्या शिवपुरी में यह जयंती एक नई पहचान बनाएगी?
👥 बैठक में ये रहे प्रमुख रूप से उपस्थित
पंडित प्रभु दयाल चतुर्वेदी (महासचिव),
पंडित राजेंद्र पांडे (कोषाध्यक्ष),
पंडित नलिन अवस्थी (उपप्रधान),
पंडित राम प्रकाश शर्मा (संगठन मंत्री),
पंडित ओमप्रकाश समाधिया,
पंडित कैलाश नारायण मुद्गल,
द्वारका भटेले,
बलराम भार्गव सहित अन्य पदाधिकारी व समाज जन उपस्थित रहे।
📢 संचालन और समापन
बैठक का संचालन पंडित विशंभर दयाल दीक्षित ने किया, जबकि अंत में पंडित हरगोविंद शर्मा ने आभार व्यक्त किया।
बैठक का समापन आपसी सहमति और सहयोग के संकल्प के साथ हुआ, जिसमें सभी ने एकजुट होकर इस बार परशुराम जयंती को ऐतिहासिक रूप से मनाने का संकल्प लिया।
🙏 शिवपुरी First की अपील
👉 आइए, इस बार परशुराम जयंती को सिर्फ पर्व नहीं, बल्कि एकता और संस्कृति का महाउत्सव बनाएं!