सागर शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के बामौरकला थाना क्षेत्र के चौकाखेड़ा गांव में रविवार रात एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जहां रास्ते में रोककर एक व्यक्ति और उसके पूरे परिवार पर बेरहमी से हमला किया गया।
रात करीब 8:30 बजे घर लौट रहे रामराज सिंह यादव को अचानक कुछ लोगों ने घेर लिया—पहले गाली-गलौज और फिर डंडों से ताबड़तोड़ हमला! सवाल ये है कि आखिर इतनी हिम्मत आरोपियों में आई कहां से?
चीख-पुकार सुनकर जब परिवार के अन्य सदस्य—
अनिल यादव, अनुज यादव और गीता बाई बचाने पहुंचे, तो हमलावरों ने उन्हें भी नहीं छोड़ा। महिलाओं तक पर हाथ उठाया गया, गीता बाई गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल पहुंच गईं। क्या कानून का डर अब खत्म हो चुका है? क्या गांवों में दबंगई ही नया नियम बन गया है?
⚠️ सबसे बड़ा सवाल—पुलिस की भूमिका पर!
पीड़ितों का आरोप है कि बामौरकला थाने में उनकी सुनवाई नहीं हुई, रिपोर्ट सही धाराओं में दर्ज नहीं की गई। मजबूर होकर उन्हें एसपी ऑफिस का दरवाजा खटखटाना पड़ा। आखिर क्यों? क्या स्थानीय स्तर पर न्याय मिलना अब मुश्किल हो गया है?
हालांकि थाना प्रभारी संजय लोधी का कहना है कि कल्याण यादव, जितेंद्र यादव और राजू यादव के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है और जांच जारी है। लेकिन सवाल अभी भी बाकी हैं—क्या कार्रवाई सख्त होगी या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
🚨 उठते सवाल… जवाब कौन देगा?
👉 क्या पुलिस शुरू में मामले को दबाने की कोशिश कर रही थी?
👉 क्या आरोपियों को किसी का संरक्षण मिला हुआ है?
👉 क्या पीड़ित परिवार को मिलेगा असली न्याय?
📢 शिवपुरी First की मांग — दबंगई पर लगाम लगे, पीड़ितों को इंसाफ मिले… वरना ऐसे मामले आम होते जाएंगे!