शिवपुरी छात्रावास में ‘काम कराया, पैसा नहीं दिया’ का आरोप! रसोइया की गुहार से मचा हड़कंप

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी के शासकीय अनुसूचित जाति बालक महाविद्यालयीन छात्रावास-2 से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पूर्व रसोइया राजकुमार जाटव ने कलेक्टर को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि उनसे वर्षों तक काम कराया गया, लेकिन मेहनताना नहीं दिया गया और बाद में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया।

करीब 4-5 साल तक सेवा देने के बाद इस तरह हटाए जाने से मामला अब तूल पकड़ता दिख रहा है।

आवेदन में गंभीर आरोप हैं कि रसोइया से सिर्फ खाना बनाने का ही नहीं, बल्कि ग्राउंड की सफाई, गोबर उठाने, लेट्रिन साफ करने और अन्य काम भी कराए गए—जो उसके पद के दायरे में नहीं आते। पीड़ित का कहना है कि जब उसने अपने काम का पैसा मांगा तो उसे सीधे हटा दिया गया। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या कर्मचारियों से जबरन अतिरिक्त काम लेकर उनका शोषण किया जा रहा है?

इतना ही नहीं, पत्र में यह भी दावा किया गया है कि छात्रावास का संचालन किसी अन्य व्यक्ति को ठेके पर सौंप दिया गया, जबकि नियमों में ऐसी व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। एक व्यक्ति द्वारा एक से ज्यादा छात्रावास चलाने की बात भी सामने आई है, जिससे पूरी व्यवस्था पर शक गहरा गया है।

❓ क्या छात्रावास में नियमों की खुली अनदेखी हो रही है?
❓ क्या कर्मचारियों के साथ हो रहा है शोषण और हक से वंचित किया जा रहा है?
❓ क्या ‘ठेका सिस्टम’ के नाम पर चल रहा है अंदरखाने खेल?

अब मामला कलेक्टर तक पहुंच चुका है और पीड़ित ने निष्पक्ष जांच व सख्त कार्रवाई की मांग की है। शिवपुरी में यह मुद्दा तेजी से चर्चा में है—क्या प्रशासन सच सामने लाएगा या यह मामला भी कागजों में दब जाएगा?
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