सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी में प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानी शहीद तात्या टोपे के बलिदान दिवस पर इंडियन वेटरन्स ऑर्गेनाइजेशन द्वारा भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की शुरुआत जिला अध्यक्ष कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई, इसके बाद पुष्पांजलि अर्पित कर वीर योद्धा को नमन किया गया।
कैप्टन चन्द्र प्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि आजादी की लड़ाई में कई ऐसे महान योद्धा रहे, जिनकी गाथाएं आम लोगों तक कम पहुंच पाई हैं—तात्या टोपे उनमें से एक महान नाम हैं। उनका जन्म 1814 में अहमदनगर के येरवला गांव में हुआ था, और बचपन से ही उनमें युद्ध कौशल की अद्भुत क्षमता थी।
⚔️ लक्ष्मीबाई के सहयोगी, गुरिल्ला युद्ध के प्रणेता
तात्या टोपे ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई को घुड़सवारी, तीरंदाजी और तलवारबाजी का प्रशिक्षण दिया। उनकी शहादत के बाद भी तात्या टोपे ने अंग्रेजों के खिलाफ लड़ाई जारी रखी। उन्हें गुरिल्ला युद्ध का प्रणेता माना जाता है, जिनकी रणनीति से अंग्रेज भी घबराते थे।
धोखे से गिरफ्तारी, शिवपुरी में फांसी बताया जाता है कि उनके करीबी मानसिंह ने धोखा देकर उन्हें पाड़ोंन के जंगलों में पकड़वाया। इसके बाद उन्हें शिवपुरी लाया गया और झूठे आरोपों के आधार पर 18 अप्रैल 1859 को फांसी दे दी गई।
🔥 “जो देश बलिदान नहीं दे सकता…”
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि “जो देश बलिदान नहीं दे सकता, उसे स्वतंत्र रहने का अधिकार नहीं है”—आजादी की लौ को जलाए रखने के लिए बलिदान की परंपरा जरूरी है।
👥 इस अवसर पर उपाध्यक्ष अशोक कुमार शर्मा और वरिष्ठ नागरिक बालमुकुंद पुरोहित सहित अन्य गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।