सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार देर शाम शिवपुरी पहुंचे, जहां उन्होंने 16 से 24 मार्च तक चले ऐतिहासिक मेगा हेल्थ कैंप के सहयोगियों का भव्य सम्मान किया। मंच से सिंधिया ने इस पूरे आयोजन को “करिश्मा” बताते हुए कहा कि शिवपुरी ने पूरे प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश के लिए एक मिसाल पेश की है।
कार्यक्रम में करीब 350 डॉक्टरों, प्रशासनिक
अधिकारियों, वालंटियर्स और सफाईकर्मियों को सम्मानित किया गया। सिंधिया ने बताया कि इस शिविर में रोजाना 20 से 25 हजार मरीजों की ओपीडी हुई और कुल मिलाकर लाखों लोगों को लाभ मिला। शिविर के दौरान लगभग 3600 सर्जरी की गईं, जिनमें कई जटिल ऑपरेशन शामिल थे। खास बात यह रही कि शिवपुरी में पहली बार रोबोटिक सर्जरी जैसी अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया।
सिंधिया ने मंच से अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि उन्होंने खुद करीब एक घंटे तक रोबोटिक सर्जरी को देखा, जहां डॉक्टर मशीन के जरिए दूर बैठकर ऑपरेशन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ऐसी सुविधा न्यूयॉर्क और लंदन जैसे शहरों में भी आसानी से नहीं मिलती। इसी के साथ उन्होंने घोषणा की कि अब हर साल शिवपुरी में इस तरह का मेगा हेल्थ कैंप आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर की सराहना करते हुए सिंधिया ने उन्हें पूरे आयोजन का “चौकीदार” बताया।
लेकिन सम्मान समारोह के बाद बदइंतजामी ने बिगाड़ा माहौल
जहां एक ओर मंच पर आयोजन की सफलता की तारीफ हो रही थी, वहीं कार्यक्रम खत्म होते ही जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आई। जैसे ही केंद्रीय मंत्री वहां से रवाना हुए, भोजन स्थल पर भारी अव्यवस्था फैल गई। बड़ी संख्या में मौजूद लोग खाने पर टूट पड़े। प्लेट लेने और भोजन पाने की होड़ में अफरा-तफरी मच गई और कुछ देर के लिए स्थिति पूरी तरह नियंत्रण से बाहर दिखाई दी। इस अव्यवस्था ने पूरे भव्य आयोजन की छवि पर सवाल खड़े कर दिए।
UGC कानून पर विरोध, ज्ञापन लेने के बाद भी नहीं हुई चर्चा
कार्यक्रम के दौरान एक और मुद्दा सामने आया, जब UGC कानून का विरोध कर रहे सवर्ण समाज के लोग केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन देने पहुंचे। सिंधिया ने कुछ समय के लिए रुककर ज्ञापन तो स्वीकार किया, लेकिन बिना किसी विस्तृत चर्चा के आगे बढ़ गए। इससे नाराज लोगों ने खुलकर असंतोष जताया।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुना गया, जो सवर्ण समाज का अपमान है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले समय में आंदोलन तेज किया जाएगा।
सम्मान और अव्यवस्था के बीच सवाल
एक ओर जहां मेगा हेल्थ कैंप को ऐतिहासिक और सफल बताया गया, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम के अंत में सामने आई अव्यवस्था और सामाजिक नाराजगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन और जनप्रतिनिधि इन व्यवस्थागत खामियों और सामाजिक मुद्दों पर क्या कदम उठाते हैं।