सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में बैंक ग्राहकों को निशाना बनाने वाली महिला चोर गैंग के सक्रिय होने की आशंका गहरा गई है। सोमवार दोपहर खनियाधाना के एसबीआई बैंक में दो नकाबपोश महिलाओं ने बेहद शातिर तरीके से एक व्यापारी के बैग से 1 लाख रुपये पार कर दिए। पूरी वारदात बैंक के सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसमें महिलाएं बड़ी सफाई से चोरी करती नजर आ रही हैं। हैरानी की बात यह है कि ठीक इसी तरह की घटना एक महीने पहले करैरा में भी हो चुकी है।
जानकारी के मुताबिक, खनियाधाना में सतीश ट्रेडर्स के संचालक सतीश कुमार जैन सोमवार को एसबीआई बैंक में 1 लाख रुपये जमा करने पहुंचे थे। बैंक के अंदर वह आराम से जमा पर्ची भर रहे थे, तभी दो नकाबपोश महिलाएं धीरे-धीरे उनके आसपास आकर खड़ी हो गईं।
व्यापारी को जरा भी अंदाजा नहीं था कि अगले कुछ सेकंड में उनके साथ बड़ी वारदात होने वाली है।
सीसीटीवी फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि एक महिला लगातार सतीश जैन का ध्यान दूसरी तरफ भटकाती रही, जबकि दूसरी महिला बेहद चालाकी से उनके पीछे पहुंच गई। मौका मिलते ही उसने बैग में रखी पॉलीथिन से 1 लाख रुपये निकाल लिए। पूरी घटना इतनी सफाई से हुई कि बैंक में मौजूद लोगों को भनक तक नहीं लगी और दोनों महिलाएं आराम से बाहर निकल गईं।
जब सतीश जैन ने स्लिप भरने के बाद पैसे निकालने के लिए बैग में हाथ डाला, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। बैग में रखी पूरी रकम गायब थी। बैंक में अचानक हड़कंप मच गया। तुरंत सीसीटीवी कैमरे चेक किए गए, जहां दोनों संदिग्ध महिलाएं चोरी करती हुई दिखाई दीं। इसके बाद व्यापारी ने खनियाधाना थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों महिलाओं की पहचान करने में जुटी है। हालांकि अब तक आरोपियों का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस को शक है कि यह कोई संगठित महिला गैंग हो सकती है, जो बैंक में आने वाले ग्राहकों की रेकी कर उन्हें निशाना बना रही है।
चौंकाने वाली बात यह है कि ठीक इसी तरह की वारदात 7 अप्रैल को करैरा में भी सामने आई थी। ग्राम डुमघना निवासी आकाश श्रीवास्तव, जो एसबीआई कियोस्क बैंक में काम करते हैं, गांधी रोड स्थित एसबीआई शाखा से 1 लाख 60 हजार रुपये निकालकर बाहर निकले थे। तभी दो युवतियों ने उन्हें अपने जाल में फंसा लिया।
करैरा की घटना में एक युवती ने आकाश को बातचीत में उलझा लिया, जबकि दूसरी युवती पीछे खड़ी होकर ब्लेड से उनका बैग काटने लगी। महज 15 से 20 सेकंड के भीतर बैग कट चुका था और उसमें रखे 90 हजार रुपये गायब हो चुके थे। दोनों युवतियां भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गई थीं। यह पूरी वारदात भी बेहद प्रोफेशनल अंदाज में अंजाम दी गई थी।
अब लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने जिले के बैंक ग्राहकों की चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बैंक परिसर में इतनी आसानी से रेकी और चोरी कैसे हो रही है? क्या जिले में बाहर से आई कोई महिला गैंग सक्रिय है, या फिर स्थानीय स्तर पर ही कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है?
फिलहाल करैरा और खनियाधाना दोनों मामलों में पुलिस जांच जारी है, लेकिन अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इधर पुलिस ने बैंक ग्राहकों से सतर्क रहने, नकदी संभालकर रखने और संदिग्ध लोगों पर नजर बनाए रखने की अपील की है। वहीं स्थानीय लोग बैंक परिसरों में सुरक्षा बढ़ाने और पुलिस गश्त तेज करने की मांग कर रहे हैं।