बगीचा सरकार मंदिर विवाद ने पकड़ा तूल: गुर्जर समाज का प्रदर्शन, 10 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी

Nikk Pandit
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बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले के करेरा स्थित प्रसिद्ध बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में 9 मई को हुए विवाद ने अब बड़ा सामाजिक और धार्मिक रूप ले लिया है। बुधवार को राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति, संत समाज और सकल समाज के सैकड़ों लोग एकजुट होकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे।

यहां प्रदर्शनकारियों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए दोषियों पर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ समाज के लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिली।

प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि मंदिर परिसर में हुई मारपीट और हमले की घटना के बाद पुलिस ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए केवल एक पक्ष पर एफआईआर दर्ज कर दी, जबकि दूसरे पक्ष के खिलाफ कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। समाज के लोगों का कहना है कि ऐसी कार्रवाई से न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं और समाज में लगातार आक्रोश बढ़ता जा रहा है।

राष्ट्रीय गुर्जर स्वाभिमान संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि मंदिर में घुसकर हमला करने वालों पर कार्रवाई होना चाहिए थी, लेकिन उल्टा पीड़ित पक्ष को ही आरोपी बना दिया गया। उन्होंने कहा कि समाज किसी भी स्थिति में अन्याय बर्दाश्त नहीं करेगा और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करता है।

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि राजेश दुबे उर्फ भोला पंडित करीब 200 लोगों के साथ दोबारा मंदिर पहुंचा और वहां भय का माहौल बनाने की कोशिश की। समाज का कहना है कि ऐसे लोगों की मंदिर परिसर के आसपास मौजूदगी से क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि राजेश दुबे पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं, बावजूद इसके खुलेआम माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।

समिति के अनुसार 9 मई की रात करीब 10:30 बजे राजेश दुबे 20 से 25 लोगों के साथ बगीचा सरकार मंदिर पहुंचा था। आरोप है कि वहां मौजूद महंत और अन्य भक्तों के साथ मारपीट की गई, जिससे मंदिर परिसर में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि दोनों पक्षों के बीच विवाद और हाथापाई हुई थी, लेकिन कार्रवाई केवल एक पक्ष पर होना अब कई सवाल खड़े कर रहा है।

प्रदर्शनकारियों ने सीसीटीवी फुटेज का हवाला देते हुए दावा किया कि वीडियो में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। समाज ने कहा कि फुटेज में सुधीर दुबे, प्रिंस दुबे, अंशुमान और धर्मेंद्र सहित कई लोगों की मौजूदगी सामने आई है। इसके बावजूद पुलिस द्वारा अब तक संतुलित कार्रवाई नहीं किए जाने से लोगों में नाराजगी बनी हुई है।

गुर्जर समाज और संत समाज ने प्रशासन को साफ चेतावनी दी है कि यदि 10 दिनों के भीतर निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई तो जिलेभर में बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यह मामला केवल एक समाज का नहीं बल्कि धार्मिक आस्था और न्याय से जुड़ा हुआ है। अब पूरे जिले की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
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