बंटी शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी में “जल है तो कल है” की भावना को साकार करते हुए जल गंगा संवर्धन अभियान 2026 के तहत प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं।
इसी क्रम में सिद्धेश्वर मंदिर रोड स्थित गोरखनाथ मंदिर परिसर की प्राचीन बावड़ी में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया गया, जहां वर्षों से जमा गाद, कचरा और झाड़-झंखाड़ को हटाकर बावड़ी को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने का कार्य किया गया।
यह अभियान मध्यप्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी की मंशा और मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य शहर की पुरानी जल संरचनाओं जैसे कुएं, तालाब, बावड़ी एवं अन्य पारंपरिक जल स्रोतों को संरक्षित करना और जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना है।
नगर पालिका परिषद शिवपुरी द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के अंतर्गत गोरखनाथ मंदिर परिसर की बावड़ी में सफाई कार्य कर वहां जमा अवांछित सामग्री को हटाया गया। इस कार्य से न केवल जल संरचना की स्वच्छता सुनिश्चित हुई बल्कि इसके संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
यह कार्रवाई माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी के मार्गदर्शन, कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशन तथा नगर पालिका परिषद शिवपुरी के सीएमओ श्री इशांक धाकड़ के मार्गदर्शन में संपादित की गई। सफाई अभियान के दौरान नगर पालिका की टीम मैदानी स्तर पर मौजूद रही और पूरे कार्य की निगरानी की गई।
नगर पालिका परिषद शिवपुरी लगातार पारंपरिक जल स्रोतों को बचाने और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए कार्य कर रही है। उद्देश्य केवल सफाई करना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए इन ऐतिहासिक जल संरचनाओं को सुरक्षित रखना भी है।
🌿 जल संरक्षण सिर्फ अभियान नहीं, आने वाले भविष्य की सुरक्षा है।
💧 “जल है तो कल है” का संदेश लेकर चल रहा यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और जल सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास बनकर उभर रहा है।