सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी शहर में लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों और नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने की घटनाओं को देखते हुए शिवपुरी पुलिस अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। सोमवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर यातायात पुलिस ने शहर के एमएम चौराहा, अग्रसेन तिराहा और पोहरी चौराहा पर विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान सड़क पर दोपहिया वाहन दौड़ाते मिले कई नाबालिगों को पकड़कर यातायात थाने लाया गया।
थाने में नाबालिगों के माता-पिता को बुलाकर पुलिस ने सख्त समझाइश दी। अभिभावकों से कहा गया कि वे अपने बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन न दें, क्योंकि एक छोटी लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। पुलिस ने सड़क सुरक्षा नियमों की जानकारी देते हुए हेलमेट पहनने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील भी की।
16 महीनों के डराने वाले आंकड़े
यातायात पुलिस ने अभिभावकों के सामने पिछले 16 महीनों के सड़क हादसों का आंकड़ा रखा। 1 जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 तक शिवपुरी शहर में बिना हेलमेट वाहन चलाने के कारण 171 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 241 लोग घायल हुए, जबकि 30 लोगों की जान चली गई। इन आंकड़ों ने वहां मौजूद लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया।
दिलाई गई शपथ
पुलिस ने नाबालिगों और उनके अभिभावकों को शपथ दिलाई कि भविष्य में नाबालिग वाहन नहीं चलाएंगे, हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएंगे, दोपहिया पर तीन सवारी नहीं बैठाएंगे और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग नहीं करेंगे।
“बाइक नहीं, बच्चों को साइकिल दें”
यातायात प्रभारी रणवीर सिंह यादव ने अभिभावकों से अपील करते हुए कहा कि बच्चों को कम उम्र में बाइक देने के बजाय साइकिल उपलब्ध कराएं। साथ ही कम दूरी के लिए पैदल चलने और अधिक दूरी के लिए सुरक्षित साधनों का उपयोग करने के लिए प्रेरित करें।
❓सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर माता-पिता खुद अपने बच्चों की जान जोखिम में डालकर उन्हें वाहन क्यों सौंप रहे हैं? क्या कुछ समय की सुविधा बच्चों की सुरक्षा से ज्यादा जरूरी हो गई है?