सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी में कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट अर्पित वर्मा ने महिला एवं बाल विकास विभाग को साफ संदेश दे दिया है—अब लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी! जिला पोषण समिति की बैठक में उन्होंने सभी परियोजना अधिकारियों (CDPO) को निर्देश दिए कि हर आंगनबाड़ी केंद्र का नियमित निरीक्षण हो और सभी गतिविधियां समय पर संचालित हों। सवाल ये—क्या अब सच में सिस्टम सुधरेगा?
🏫 समय पर खुलें केंद्र, नहीं तो होगी कार्रवाई!
कलेक्टर ने दो टूक कहा कि हर आंगनबाड़ी केंद्र रोज समय पर खुले और बच्चों से जुड़ी सभी गतिविधियां नियमित चलें। अगर कहीं केंद्र बंद मिला तो सीधे जिम्मेदार पर कार्रवाई होगी। क्या अब बंद पड़े केंद्रों पर लगेगा ताला या बदलेगा सिस्टम?
🥗 पोषण आहार में गड़बड़ी पर सख्ती
बैठक में साफ निर्देश दिए गए कि बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार गुणवत्तापूर्ण हो। यदि किसी समूह द्वारा वितरण में लापरवाही मिली तो उसे तुरंत हटाया जाएगा।
क्या अब बच्चों को सही पोषण मिल पाएगा या फिर वही ढिलाई जारी रहेगी?
📊 योजनाओं की गहन समीक्षा—हर स्तर पर निगरानी
बैठक में गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों से जुड़े कई पहलुओं की समीक्षा की गई—
आधार सत्यापन, आभा आईडी, पोषण ट्रैकर, टीएचआर वितरण, शाला पूर्व शिक्षा, नाश्ता और गर्म भोजन की स्थिति तक हर बिंदु पर नजर रखी गई। कलेक्टर ने चेतावनी दी कि एक सप्ताह में काम में सुधार दिखना चाहिए, वरना कार्रवाई तय है।
🏥 एनआरसी में कुपोषित बच्चों पर फोकस
जिले के 100 बिस्तर वाले एनआरसी (Nutrition Rehabilitation Center) में अति गंभीर कुपोषित बच्चों के बेहतर इलाज और देखभाल के निर्देश दिए गए।
कलेक्टर ने जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेंद्र जादौन से जानकारी लेते हुए कहा कि हर जरूरतमंद बच्चे को समय पर भर्ती कराया जाए।