गंगा दशहरा पर गूंजा जल संरक्षण का संदेश, गोरखनाथ मंदिर परिसर में हुआ श्रमदान और जल संरचनाओं के संरक्षण का संकल्प

Nikk Pandit
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             गंगा दशहरा के पावन अवसर पर 

बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में संचालित “जल गंगा संवर्धन अभियान” के तहत गोरखनाथ मंदिर परिसर में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया।

कार्यक्रम में प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान जल संरक्षण, प्राचीन जल स्रोतों के पुनर्जीवन और जनभागीदारी आधारित प्रयासों को लेकर व्यापक संदेश दिया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता देखने को मिली।

कार्यक्रम के दौरान प्रभारी मंत्री श्री तोमर ने स्वयं श्रमदान कर लोगों को जल संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि जल संकट से बचाव केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही जल संरक्षण अभियान सफल हो सकता है। उन्होंने गोरखनाथ मंदिर परिसर स्थित प्राचीन बावड़ी के संरक्षण कार्यों का निरीक्षण किया और किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।
                   पुलिस अधीक्षक महोदय 

इस अवसर पर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अर्पित वर्मा, पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया, विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत विधि-विधान से कलश पूजन के साथ हुई, जिसके बाद परिसर में स्थित प्राचीन जल संरचना के संरक्षण एवं विकास कार्यों का अवलोकन किया गया।
                   श्रीमान कलेक्टर महोदय 

नगर पालिका परिषद शिवपुरी द्वारा मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री ईशांक धाकड़ के मार्गदर्शन में गोरखनाथ मंदिर परिसर की प्राचीन बावड़ी की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण और संरचनात्मक सुधार कार्य किए गए हैं।

                          सीएमओ महोदय

लंबे समय से उपेक्षित इस जल संरचना को व्यवस्थित स्वरूप देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। परिसर में स्वच्छता, संरक्षण और जनजागरूकता से जुड़े कार्यों के कारण अब यह स्थान पुनः पहचान बना रहा है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों को जल संरक्षण की सामूहिक शपथ भी दिलाई गई। सभी ने पुराने जल स्रोतों को बचाने, पानी की प्रत्येक बूंद का महत्व समझने, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने और भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल संपदा सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।

प्रभारी मंत्री श्री तोमर ने “कैच द रेन” अभियान को प्रभावी बनाने पर जोर देते हुए कहा कि वर्षा जल संचयन वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जल संरक्षण को व्यक्तिगत जिम्मेदारी मानते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप दिया जाए।

कार्यक्रम के समापन पर प्रभारी मंत्री ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना कर जिले की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। साथ ही शहर की पेयजल व्यवस्था को लेकर नगर पालिका अधिकारियों को निर्देश दिए कि गर्मी के मौसम में नागरिकों को किसी प्रकार की जल समस्या का सामना न करना पड़े और जल प्रदाय व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित हो।
जल गंगा संवर्धन अभियान अब केवल सरकारी पहल नहीं रह गया है, बल्कि यह जनभागीदारी और जल संरक्षण का एक बड़ा आंदोलन बनता दिखाई दे रहा है, जहां प्राचीन जल स्रोतों के संरक्षण के साथ भविष्य की जल सुरक्षा की मजबूत नींव रखी जा रही है।       सफाई कर्मी सफाई करते हुए ताप्ती धूप में
                        रंगोली बनाते हुए    श्रमदान करते हुए सीएमओ इशांक धाकड़ जी                            पहले के हालात                       वर्तमान के हालात
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