दशहरा मंच पर नपा अध्यक्ष का ‘सियासी नाराजगी शो’? अपना ही कार्यक्रम छोड़कर जाना बना चर्चा का विषय

Nikk Pandit
0
 
बंटी शर्मा ECG:गंगा दशहरा के पावन अवसर पर गुरु गोरखनाथ मंदिर परिसर में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य जल संरक्षण, जनजागरण और सामूहिक सहभागिता था, लेकिन कार्यक्रम के बीच नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के मंच छोड़कर जाने के घटनाक्रम ने पूरे आयोजन की दिशा ही बदल दी। जिस मंच से जल बचाने का संदेश जाना था, वहां अचानक सियासी नाराजगी की चर्चा शुरू हो गई।

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, भाजपा जिला अध्यक्ष, कलेक्टर, एसपी, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। मंच पर सम्मान कार्यक्रम और अन्य गतिविधियां जारी थीं, लेकिन इसी दौरान नपा अध्यक्ष अचानक उठीं और कार्यक्रम बीच में छोड़कर चली गईं। उनके इस कदम ने आयोजन स्थल पर मौजूद लोगों को भी हैरान कर दिया।

राजनीतिक हलकों में अब सवाल उठ रहे हैं कि जब कार्यक्रम नगर पालिका का था, प्रशासनिक अमला पूरी व्यवस्था में जुटा था, अधिकारी कार्यक्रम को सफल बनाने में लगे थे और पूरा फोकस जल गंगा संवर्धन अभियान पर था, तब व्यक्तिगत नाराजगी को सार्वजनिक मंच पर लाना कितना उचित था?

नगर पालिका अध्यक्ष ने बाद में मंच व्यवस्था और सम्मान को लेकर नाराजगी जताई और सीएमओ ईशांक धाकड़ पर अप्रत्यक्ष रूप से सवाल खड़े किए। हालांकि प्रशासनिक पक्ष ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया गया था और सभी व्यवस्थाएं तय प्रक्रिया के अनुसार थीं।

सूत्रों की मानें तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी ईशांक धाकड़ पिछले कई दिनों से जल गंगा संवर्धन अभियान, साफ-सफाई, बावड़ियों के संरक्षण और आयोजन व्यवस्थाओं में लगातार सक्रिय थे। ऐसे में पूरा कार्यक्रम छोड़कर जाना कई लोगों को “नाराजगी की राजनीति” ज्यादा और “जनहित” कम लग रहा है।

शहर में अब चर्चा यह भी है कि यदि कोई असहमति थी तो उसे कार्यक्रम समाप्त होने के बाद संगठनात्मक या प्रशासनिक स्तर पर रखा जा सकता था, लेकिन मंत्री, अधिकारी और जनता की मौजूदगी में मंच छोड़ना क्या एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि की भूमिका मानी जाएगी?

गंगा दशहरा का मंच जल संरक्षण के संदेश के लिए बना था, लेकिन अब चर्चा इस बात की ज्यादा है कि क्या व्यक्तिगत असंतोष ने जनहित के कार्यक्रम को सियासी प्रदर्शन में बदल दिया?

फिलहाल शहर में एक ही बात तैर रही है— कार्यक्रम जल गंगा का था, लेकिन सुर्खियां मंच छोड़कर जाने की बन गईं।
Tags

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)