शिवपुरी में करंट बना काल! खंभे पर चढ़े दो भाई गिरे, एक की मौत

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:शिवपुरी जिले के इंदार थाना क्षेत्र के अम्हारा गांव में बिजली विभाग की लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। तीन दिन से बंद बिजली से परेशान दो चचेरे भाई जब खुद ही लाइन जोड़ने खंभे पर चढ़े, तो अचानक करंट लगने से दोनों नीचे गिर पड़े। इस दर्दनाक हादसे में रविंद्र यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि राजपाल यादव गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे हालत बिगड़ने पर ग्वालियर रेफर किया गया है।

गांव में पिछले तीन दिनों से बिजली गुल थी और गर्मी में लोग बेहाल थे। बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक परेशान थे, लेकिन जिम्मेदार विभाग ने कोई सुध नहीं ली।आखिरकार मजबूरी में ग्रामीणों ने खुद ही लाइन सुधारने का फैसला लिया—लेकिन यही फैसला एक परिवार के लिए मौत का कारण बन गया।

परिजनों का आरोप है कि लाइनमैन अरविंद कुशवाह को कई बार सूचना दी गई, लेकिन वह मौके पर नहीं आया। उल्टा उसने परमिट दिलवाने की बात कहकर खुद ही लाइन जोड़ने की जिम्मेदारी ग्रामीणों पर डाल दी। सवाल ये है—क्या अब आम लोगों को अपनी जान जोखिम में डालकर बिजली सुधारनी पड़ेगी?

बताया जा रहा है कि परमिट मिलने की सूचना मिलने के बाद लाइनमैन और माढ़ा फीडर के ऑपरेटर ने लाइन बंद होने की बात कही, जिसके बाद दोनों भाई खंभे पर चढ़ गए। लेकिन अचानक करंट दौड़ गया और दोनों जोरदार झटके के साथ नीचे गिर पड़े—मंजर इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद लोगों की रूह कांप उठी।

हादसे के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई। परिवार के लोग रो-रोकर बेहाल हो गए। एक भाई की मौत और दूसरे की जिंदगी मौत से जूझ रही है—क्या यही है लापरवाही की कीमत? क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होगी या फिर मामला यूं ही दबा दिया जाएगा?

❓ सबसे बड़ा सवाल — आखिर कब तक बिजली विभाग की लापरवाही यूं ही लोगों की जान लेती रहेगी? क्या एक जान जाने के बाद भी सिस्टम जागेगा या फिर अगली मौत का इंतजार करेगा?
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