जमीन के लालच में बेटों की साजिश? पिता को भेजा नशा मुक्ति केंद्र!

Nikk Pandit
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सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां 17 बीघा जमीन के विवाद में दो बेटों पर अपने ही पिता को साजिशन नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराने का आरोप लगा है। मामला तब खुला जब पीड़ित के चचेरे भाई ने तलाश करते हुए केंद्र पहुंचकर मिलने की कोशिश की, लेकिन उसे रोका गया। इसके बाद मामला सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय तक पहुंच गया।

जानकारी के मुताबिक, गुना जिले के श्यामपुर निवासी गंगाराम रघुवंशी को उनके बेटे सतीश और विक्की 20 अप्रैल को एक शादी समारोह से कथित तौर पर अपने साथ ले गए और शिवपुरी के एक नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती करा दिया। आरोप है कि 30 अप्रैल को कोर्ट में जमीन विवाद की तारीख थी, और बेटों ने उन्हें पेशी से दूर रखने के लिए यह कदम उठाया।

बताया जा रहा है कि करीब 17 बीघा जमीन, जिसकी कीमत लगभग एक करोड़ रुपए है, पहले ही बेटों के नाम हो चुकी है। अब जब नामांतरण पर आपत्ति लगी और मामला एसडीएम कोर्ट में पहुंचा, तो विवाद और गहरा गया।

🏥 केंद्र प्रबंधन भी सवालों के घेरे में

नशा मुक्ति केंद्र के मैनेजर ब्रजेश पाठक का कहना है कि गंगाराम को नशे की हालत में लाया गया था और दस्तावेजों की जांच के बाद भर्ती किया गया। हालांकि, परिजनों की आपत्ति के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। वहीं बाहर आने के बाद गंगाराम ने सीधे आरोप लगाया कि उनके बेटे उनकी जमीन हड़पना चाहते हैं।

❓ उठते सवाल:

👉 क्या कोर्ट की तारीख से पहले पिता को हटाने की साजिश थी?
👉 नशा मुक्ति केंद्र ने बिना पूरी जांच के भर्ती कैसे कर लिया?
👉 जमीन के लिए रिश्तों का ये स्तर… आखिर जिम्मेदार कौन?
⚡ यह मामला रिश्तों, लालच और सिस्टम पर कई
 गंभीर सवाल खड़े कर रहा है… अब देखना होगा कि पुलिस जांच में सच क्या सामने आता है।
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