सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में अचानक आई तेज आंधी ने ऐसा तांडव मचाया कि शहर से लेकर गांव तक तबाही के नज़ारे दिखने लगे। करीब एक घंटे चली इस आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। तेज हवाओं के साथ बारिश ने हालात और बिगाड़ दिए—कहीं पेड़ गिरे, कहीं दीवारें ढहीं तो कहीं आग लगने की घटनाएं सामने आईं। सवाल ये है कि क्या शहर ऐसी आपदा से निपटने के लिए तैयार है?
🚨 छत से गिरी महिला और किशोरी — बड़ा सवाल सुरक्षा पर!
फतेहपुर क्षेत्र में 16 वर्षीय अनुरती तेज हवा के झोंके में छत से नीचे गिर गई, जबकि गौशाला इलाके में रामदेवी लोधी भी इसी तरह हादसे का शिकार हो गईं। दोनों का अस्पताल में इलाज जारी है। आखिर इतनी तेज आंधी में लोग छत पर क्यों थे? क्या मौसम अलर्ट समय पर लोगों तक नहीं पहुंचा?
🏚️ पोलो ग्राउंड हादसा — दीवार गिरी, तीन घायल
शहर के पोलो ग्राउंड की दीवार अचानक भरभराकर गिर गई, जिसके नीचे तीन लोग दब गए। खुडा बस्ती निवासी बृजेंद्र उर्फ गोलू, रन्नौद के गिरजेश चंद्र आचार्य सहित एक अन्य युवक घायल हो गए। सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। क्या इन जर्जर दीवारों की पहले जांच नहीं हुई?
🌳 शहरभर में नुकसान — पेड़, वाहन और बिजली व्यवस्था प्रभावित
माधव चौक, कोतवाली, पोस्टमार्टम हाउस और इंडस्ट्रियल एरिया सहित कई जगहों पर पेड़ गिरने से वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। सुभात मस्जिद के पास नीम का विशाल पेड़ गिरने से दो बाइक और एक स्कूटी चपेट में आ गईं। बस स्टैंड पर देवरी (राजस्थान) से आए एक युवक को उड़ती वस्तु लगने से चोट आई। सवाल उठता है—क्या शहर में खतरनाक पेड़ों और ढांचों की समय पर पहचान की जाती है?
🔥 आग की घटनाएं — डर का माहौल
छत्री रोड पर बिजली तारों के टकराने से पेड़ में करंट फैल गया और चिंगारियां उठने लगीं। वहीं नरवर तहसील के इमलिया, सिमरिया और पारागढ़ गांव में आग लगने से कई घर प्रभावित हुए। दमकल की चार गाड़ियां और पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे, जिनकी मदद से करीब 40-50% आग पर काबू पाया गया, लेकिन कई जगह आग अभी भी फैलने की खबर है।
⚠️ टोल प्लाजा पर बड़ा हादसा टला
कोलारस के पूरनखेड़ी टोल प्लाजा (NH-46) पर हाईमास्ट पोल टूटकर होटल पर गिर गया। गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई। लेकिन सवाल यह—अगर यह हादसा दिन के व्यस्त समय में होता तो क्या हाल होता?
❗ प्रशासन की तैयारी पर सवाल
नगर पालिका का भारी होर्डिंग परशुराम चौराहे पर 60 डिग्री तक झुक गया, जो कभी भी गिर सकता है। क्या प्रशासन ऐसे खतरों को पहले से चिन्हित कर कार्रवाई कर रहा है? या फिर हर बार हादसे के बाद ही जागता है सिस्टम?
👉 डर, नुकसान और कई सवाल…
तेज आंधी और बारिश ने शिवपुरी को झकझोर कर रख दिया है। राहत की बात यह रही कि अब तक किसी की जान नहीं गई, लेकिन कई लोग घायल हुए और भारी नुकसान हुआ।
अब सबसे बड़ा सवाल—क्या शिवपुरी भविष्य में ऐसी आपदाओं से निपटने के लिए तैयार है, या हर बार इसी तरह खतरे में रहेगा शहर?