सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय (PHQ) भोपाल के स्पष्ट निर्देश हैं कि जिन अधिकारियों पर विभागीय जांच या गंभीर आरोप चल रहे हों, उन्हें थाना प्रभारी (SHO) जैसे जिम्मेदार पदों से दूर रखा जाए। लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है—क्या शिवपुरी में इन आदेशों का सही पालन हो रहा है?
जून 2025 के निर्देशों में साफ कहा गया था कि ऐसे पुलिसकर्मियों को न केवल थाना प्रभार से हटाया जाए बल्कि उन्हें संवेदनशील पोस्टिंग से भी दूर रखा जाए। यह आदेश पूरे प्रदेश के लिए है, यानी शिवपुरी भी इससे बाहर नहीं है।
⚠️ लेकिन जमीनी हकीकत क्या है?
स्थानीय स्तर पर चर्चाएं हैं कि कुछ जगहों पर जांच के दायरे में आने वाले अधिकारी अभी भी थानों की कमान संभाले हुए हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है, लेकिन अगर ऐसा है तो यह सीधे तौर पर PHQ के आदेशों की अनदेखी मानी जाएगी।
👉 सबसे अहम सवाल:
क्या शिवपुरी पुलिस प्रशासन ने ऐसे सभी अधिकारियों को हटाया?
या फिर जांच के बावजूद वही अधिकारी जिम्मेदारी निभा रहे हैं
क्या इस पर कोई आंतरिक समीक्षा हुई है या नहीं?
📢 सच्चाई क्या है?
इसका स्पष्ट जवाब केवल आधिकारिक रिकॉर्ड या RTI के जरिए ही सामने आ सकता है। बिना प्रमाण किसी विशेष अधिकारी पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा, लेकिन सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल जरूर खड़े हो रहे हैं।
🧾 अगर आपके पास पुख्ता जानकारी या दस्तावेज हैं, तो साझा करें—ताकि सच सामने आ सके।