सागर शर्मा शिवपुरी। शिवपुरी शहर के देहात थाना क्षेत्र स्थित बजरिया मोहल्ले में बुधवार-गुरुवार की दरम्यानी रात जमकर हंगामा हुआ। पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि 20 से 25 लोगों की भीड़ ने घर में घुसकर तीन लड़कियों को जबरन उठाने का प्रयास किया। विरोध करने पर युवतियों के साथ अभद्रता की गई, कपड़े फाड़े गए और शरीर को नाखूनों से नोंचा गया। मामले ने अब गंभीर रूप ले लिया है, क्योंकि पीड़ित परिवार पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल खड़े कर रहा है।
पीड़ित महिलाओं का आरोप है कि आरोपियों द्वारा उन पर देह व्यापार करने का दबाव बनाया जा रहा था। युवतियों का कहना है कि उन्हें धमकी दी गई कि “हमारे कहे अनुसार देह व्यापार करो, नहीं तो शिवपुरी छोड़कर चले जाओ।” घटना के बाद डरी-सहमी महिलाएं अपनी बेटियों के साथ एसपी ऑफिस पहुंचीं और पुलिस पर गंभीर धाराएं न लगाने का आरोप लगाया।
पीड़ित पक्ष के अनुसार बजरिया मोहल्ले स्थित उनके घर पर हऊआ बेड़िया, शानू बेड़िया, विक्के बेड़िया, तुन्ना बेड़िया, सपना बेड़िया समेत करीब 20 से 25 लोग पहुंचे थे। आरोप है कि सपना बेड़िया उन पर अपने होटल पर रहकर देह व्यापार करने का दबाव बना रही थी। जब युवतियों ने साथ जाने से इनकार किया तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, कपड़े फाड़ दिए और दुष्कर्म का प्रयास किया। पीड़िताओं का दावा है कि उनके शरीर पर नाखूनों से खरोंच तक मारी गईं।
महिलाओं ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने घटना से पहले और बाद में जमकर तोड़फोड़ की। घर के बाहर खड़ी गाड़ियों में नुकसान पहुंचाया गया, मकान में तोड़फोड़ की गई और सीसीटीवी कैमरे तक फोड़ दिए गए ताकि पूरी वारदात रिकॉर्ड न हो सके। हालांकि पीड़ित पक्ष का कहना है कि कुछ घटनाक्रम दूसरे कैमरों में कैद हुए हैं, जो पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकते हैं।
सबसे बड़ा सवाल अब पुलिस कार्रवाई को लेकर उठ रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इतनी गंभीर शिकायतों के बावजूद पुलिस ने छेड़छाड़, दुष्कर्म के प्रयास और अपहरण के प्रयास जैसी धाराएं नहीं लगाईं, बल्कि केवल मारपीट का मामला दर्ज कर खानापूर्ति कर दी। इसी वजह से परिवार को सीधे एसपी ऑफिस पहुंचकर न्याय की गुहार लगानी पड़ी। अब शहर में चर्चा है कि आखिर इतने गंभीर आरोपों के बावजूद पुलिस ने हल्की धाराओं में मामला क्यों दर्ज किया?
दूसरी ओर, सपना बेड़िया ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को खारिज किया है। उसका कहना है कि वह रात में होटल से लौट रही थी, तभी रास्ते में झगड़े की जानकारी मिली और वह सिर्फ तमाशा देखने वहां पहुंची थी। सपना का दावा है कि वह दोनों पक्षों को जानती तक नहीं और उसका इस पूरे मामले से कोई लेना-देना नहीं है। हालांकि पीड़ित पक्ष उसके इस बयान को पूरी तरह झूठ बता रहा है।
देहात थाना पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश को लेकर विवाद हुआ है और दोनों ओर से मारपीट की शिकायत दर्ज की गई है। एसआई योगेंद्र सेंगर के अनुसार दोनों पक्षों की ओर से एफआईआर दर्ज की गई है, लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर इतनी गंभीर परिस्थितियों में पुलिस ने मामले की गहराई से जांच क्यों नहीं की? क्या पीड़ित महिलाओं के आरोपों को गंभीरता से लिया जाएगा या मामला सिर्फ “दो पक्षों का विवाद” बताकर दबा दिया जाएगा?
फिलहाल पूरे मामले ने शहर में सनसनी फैला दी है। अब निगाहें पुलिस जांच और एसपी स्तर पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।