सागर शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में एक बार फिर पुलिस कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है। पुरानी शिवपुरी क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने गंभीर आरोप लगाते हुए सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला का कहना है कि शादी का झांसा देकर उसे चार साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रखा गया, देवर ने भी कई बार दुष्कर्म किया, लेकिन जब वह शिकायत लेकर थाने पहुंची तो उसकी सुनवाई तक नहीं हुई।
पीड़िता ने आरोप लगाया कि वह कई बार पुलिस के पास गई, लेकिन हर बार उसे टाल दिया गया। महिला का कहना है कि आरोपियों के रसूख और दबाव के चलते उसकी FIR तक दर्ज नहीं की गई। सवाल यह उठ रहा है कि जब एक महिला बार-बार मदद की गुहार लगा रही थी, तब स्थानीय पुलिस आखिर चुप क्यों रही?
महिला ने बताया कि उसके पहले पति की सड़क हादसे में मौत हो चुकी थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात मुकेश धाकड़ से हुई, जिसने खुद को अकेला बताकर शादी का भरोसा दिया और अपने साथ रखने लगा। महिला का आरोप है कि चार साल तक उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया गया।
इतना ही नहीं, पीड़िता ने मुकेश के भाई धारा सिंह धाकड़ पर भी कई बार जबरन दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि जब उसने विरोध किया और शादी की बात कही तो उसके साथ मारपीट शुरू कर दी गई। उसे जातिसूचक बातें कहकर अपमानित किया गया और डराया-धमकाया गया।
⚠️ सबसे बड़ा सवाल अब पुलिस की भूमिका पर खड़ा हो रहा है।
अगर महिला पहले ही शिकायत लेकर थाने पहुंची थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
क्या प्रभावशाली लोगों के दबाव में मामला दबाने की कोशिश हुई?
क्या महिला की शिकायत को गंभीरता से लिया ही नहीं गया?
बुधवार को आखिरकार थक-हारकर पीड़िता सीधे एसपी ऑफिस पहुंची और दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की। अब देखना होगा कि पुलिस इस मामले में केवल जांच का भरोसा देती है या वास्तव में कार्रवाई भी करती है।
🔥 महिलाओं की सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करने वाली व्यवस्था पर यह मामला कई सवाल छोड़ गया है — क्या आम महिला को न्याय पाने के लिए हर बार थाने से लेकर एसपी ऑफिस तक भटकना पड़ेगा?