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| पकड़े गए गिरोह के सदस्य |
शिवपुरी। पोहरी नगर परिषद के पार्षद नीतू शर्मा के घर हुई 25 लाख रुपये की सनसनीखेज चोरी का पुलिस ने महज 36 घंटे में खुलासा कर दिया। इस वारदात में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि बदमाशों को घर के अंदर-बाहर की पूरी जानकारी किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि घर में आने-जाने वाले परिचित ने ही दी थी। पुलिस जांच में सामने आया कि पोहरी के ग्वालीपुरा निवासी रामेश्वर गोस्वामी का पार्षद के घर अक्सर आना-जाना था। उसी ने घर की पूरी रेकी कर अंतर्राज्यीय चोर गिरोह तक जानकारी पहुंचाई और फिर चोरी की पूरी साजिश रची गई।
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| बरामद माल |
पुलिस ने इस मामले में राजस्थान पुलिस के 50 हजार रुपये के इनामी बदमाश श्रीवल्लभ उर्फ रनघोर पारदी, रामनिवास मोगिया और रामेश्वर गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। तीनों के कब्जे और निशानदेही से करीब 25 लाख रुपये का चोरी का सामान बरामद किया गया है।
तीन क्विंटल की तिजोरी भी उठा ले गए थे बदमाश
यह चोरी इसलिए भी चर्चा में रही क्योंकि बदमाश घर में रखी करीब तीन क्विंटल वजनी लोहे की तिजोरी तक उठाकर ले गए थे। तिजोरी में लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी रखी थी। चोरी के बाद आरोपी तिजोरी को सुनसान इलाके में ले गए, जहां उसे तोड़कर जेवर और नकदी निकाल ली। बाद में खाली तिजोरी वहीं फेंक दी।
25 जून को दर्ज हुई थी रिपोर्ट
पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया ने बताया कि 25 जून को अनुज शर्मा ने पोहरी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 24 जून की रात अज्ञात बदमाश उनके छोटे भाई और नगर परिषद पार्षद नीतू शर्मा के घर का ताला तोड़कर अंदर घुसे। बदमाश घर से लोहे की तिजोरी, सोने-चांदी के आभूषण और पल्सर मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एसडीओपी आनंद राय के निर्देशन में थाना प्रभारी रवि चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई। थाना सुभाषपुरा पुलिस और साइबर सेल को भी जांच में लगाया गया।
सीसीटीवी और मुखबिर ने खोल दिया राज
पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध लोगों की तलाश शुरू की। इसी दौरान चकराना रोड स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पास पुलिया के नीचे चोरी की पल्सर बाइक और क्षतिग्रस्त तिजोरी बरामद हो गई। इससे पुलिस को यह समझ आ गया कि बदमाश इलाके से ज्यादा दूर नहीं गए हैं।
27 जून की रात मुखबिर से सूचना मिली कि आईटीआई कॉलेज के पीछे तीन लोग चोरी के माल का बंटवारा करने की योजना बना रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को दबोच लिया।
पूछताछ में खुल गई पूरी साजिश
गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने तीनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की तो पूरी कहानी सामने आ गई। जांच में पता चला कि रामेश्वर गोस्वामी का पार्षद नीतू शर्मा के घर लगातार आना-जाना था। उसने घर की स्थिति, तिजोरी, जेवर और परिवार की गतिविधियों की पूरी जानकारी जुटाई। इसके बाद उसने यह जानकारी अंतर्राज्यीय चोर गिरोह के सदस्यों तक पहुंचाई। उसी की निशानदेही पर चोरी की योजना बनाई गई और वारदात को अंजाम दिया गया।
चोरी के बाद आरोपी जेवर और नकदी लेकर सीधे नहीं भागे। उन्होंने माल को रामेश्वर गोस्वामी के खेत के पास नाले में मिट्टी के नीचे दबाकर छिपा दिया, ताकि पुलिस को भनक न लगे।
मिट्टी खोदी तो निकल आए लाखों के जेवर
आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस जब खेत के पास पहुंची तो मिट्टी खोदने पर एक-एक कर चोरी का सामान बाहर आने लगा। पुलिस ने मंगलसूत्र, चार सोने की अंगूठियां, दो कड़े, एक सोने की चेन, दो जोड़ी झुमकी समेत बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए। इसके अलावा 85 हजार रुपये नकद भी मिले। बरामद जेवरों की कीमत करीब 23 लाख रुपये बताई जा रही है।
इनामी बदमाश निकला गिरोह का सदस्य
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी श्रीवल्लभ उर्फ रनघोर पारदी लंबे समय से अंतर्राज्यीय गिरोह के साथ सक्रिय है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश, राजस्थान सहित कई राज्यों में चोरी, लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। उसकी गिरफ्तारी पर राजस्थान के कोटा रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
वहीं दूसरा आरोपी रामनिवास मोगिया भी आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश और राजस्थान में आर्म्स एक्ट, आबकारी एक्ट और नकबजनी के कई मामले पहले से दर्ज हैं।
अवैध बंदूक भी मिली
गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने श्रीवल्लभ पारदी के कब्जे से एक अवैध देशी बंदूक भी बरामद की। इसके चलते उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की कार्रवाई भी की गई है।
अन्य वारदातों का भी हो सकता है खुलासा
पुलिस का मानना है कि गिरफ्तार तीनों आरोपी प्रदेश के अलग-अलग जिलों के अलावा दूसरे राज्यों में भी चोरी की कई घटनाओं में शामिल रहे हैं। फिलहाल तीनों से गहन पूछताछ की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ में कई अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है।


