पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने कलेक्टर अर्पित वर्मा की सख्ती, 28 से अधिक टैंकरों से पहुंचाया जा रहा पानी
बंटी शर्मा शिवपुरी:खबर शिवपुरी जिले में भीषण गर्मी और पेयजल संकट के बीच शिवपुरी शहरवासियों को राहत पहुंचाने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्री अर्पित वर्मा के निर्देशन में शहर की जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
प्रशासन द्वारा पेयजल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में वैकल्पिक व्यवस्थाएं तेज कर दी गई हैं ताकि किसी भी वार्ड में पानी की समस्या न रहे।
एसडीएम शिवपुरी श्री आनंद सिंह राजावत ने जानकारी देते हुए बताया कि शहर में आमजन को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 4 निजी नलकूपों का 10 दिनों के लिए अधिग्रहण किया गया है। इन नलकूपों के माध्यम से जल संकट प्रभावित क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता बढ़ाई जाएगी और नागरिकों को राहत मिलेगी।
28 से अधिक टैंकर मैदान मे
प्रशासन ने जल संकट से निपटने के लिए बड़े स्तर पर टैंकरों की व्यवस्था की है। वर्तमान में 24 हजार और 25 हजार लीटर क्षमता वाले बड़े टैंकरों सहित 28 से अधिक टैंकर विभिन्न वार्डों, सम्पवेल और जल अभावग्रस्त क्षेत्रों में नियमित रूप से पानी पहुंचा रहे हैं। प्रशासन का दावा है कि आवश्यकता पड़ने पर टैंकरों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
इन निजी नलकूपों का किया गया अधिग्रहण
एसडीएम श्री आनंद सिंह राजावत के अनुसार अधिग्रहित नलकूपों में मुन्नासूद (हवाई पट्टी के पास झांसी रोड), सरमन कुशवाह (व्हीटीपी स्कूल के पास), सुनील ओझा (हलचल वाटर सप्लायर) और विनोद राठौर (शिवा वाटर सप्लायर) के नलकूप शामिल हैं। इन नलकूपों के संचालन के दौरान होने वाले विद्युत व्यय का भुगतान नगर पालिका परिषद शिवपुरी द्वारा किया जाएगा।
नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जल अभावग्रस्त क्षेत्रों में मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 के सभी प्रावधान प्रभावी रहेंगे। यदि कोई व्यक्ति इन नियमों का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध अधिनियम की धारा 9 के तहत दो वर्ष तक का कारावास, दो हजार रुपये तक का जुर्माना या दोनों की कार्रवाई की जा सकती है।
जनता से अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि पानी का उपयोग अत्यंत सावधानी और आवश्यकता अनुसार करें, ताकि उपलब्ध जल संसाधनों का अधिकतम लाभ सभी शहरवासियों तक पहुंच सके।